बेटी हुई है... कार पर चिपकाया पोस्टर, गुलाबी गुब्बारों से सजाकर लाए लाडली को घर
पूरनपुर से शेरपुर कलां तक गूंजा खुशियों का संदेश
बेटियां बोझ नहीं, परिवार की शान हैं; अनोखे अंदाज में बेटी के जन्म का जश्न मनाकर पेश की समाज के लिए मिसाल
कैनविज टाइम्स संवाददाता | पूरनपुर, पीलीभीत
"बेटी हुई है..." यह संदेश जब सड़कों पर दौड़ती गुलाबी गुब्बारों से सजी कारों पर नजर आया तो हर किसी का ध्यान इस ओर खिंच गया। पूरनपुर क्षेत्र में एक परिवार ने अपनी नवजात बेटी के जन्म की खुशी को ऐसे अंदाज में मनाया कि यह न केवल चर्चा का विषय बन गया, बल्कि समाज को बेटियों के सम्मान का भावुक संदेश भी दे गया।
किरन नर्सिंग होम में गूंजी किलकारी
शेरपुर कलां निवासी मीनू बरकाती के घर चार अगस्त को खुशियों की किलकारी गूंजी। पूरनपुर स्थित किरन नर्सिंग होम में शाम करीब सात बजे परिवार को जैसे ही बेटी के जन्म की जानकारी मिली, घर में उत्साह का माहौल बन गया। परिजनों ने इस पल को यादगार बनाने के लिए दो कारों को गुलाबी गुब्बारों से सजाया और "बेटी हुई है" का संदेश लगाकर अस्पताल पहुंच गए।
धूमधाम से हुआ नवजात का स्वागत
अस्पताल पहुंचने के बाद परिवार ने नवजात का धूमधाम से स्वागत किया। चिकित्सकों और स्टाफ ने भी बच्ची के आगमन पर परिवार को शुभकामनाएं दीं। इसके बाद लाडली को विशेष साज-सज्जा के साथ कार में बैठाकर घर लाया गया। रास्ते में लोगों की नजरें इस अनोखे स्वागत पर ठहर गईं। कई लोगों ने इस पल को अपने कैमरों में कैद किया और सोशल मीडिया पर साझा किया।
पूरा परिवार रहा उत्साहित
बेटी के आगमन की खुशी में माता-पिता के साथ दादी, नानी, फूफो-फूफा और खाला-खालू समेत पूरा परिवार उत्साहित नजर आया। घर पहुंचने पर भी नन्ही परी का स्वागत खुशियों और दुआओं के साथ किया गया।
बदलती सामाजिक सोच की मिसाल
यह आयोजन केवल एक परिवार की खुशी नहीं, बल्कि बदलती सामाजिक सोच की तस्वीर भी है। जिस दौर में बेटियों को लेकर कई परिवारों में संकोच दिखाई देता था, वहीं आज लोग बेटियों के जन्म को गर्व और उत्सव के रूप में मना रहे हैं। पूरनपुर का यह परिवार भी इसी बदलाव की मजबूत कड़ी बन गया है।
बेटी के जन्म पर ऐसा सार्वजनिक उत्सव मनाकर परिवार ने साफ संदेश दिया कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं। वे घर की रौनक, माता-पिता का अभिमान और समाज की शक्ति हैं। जरूरत है कि हर परिवार बेटियों का स्वागत इसी सम्मान और प्यार के साथ करे, ताकि बेटियों के प्रति सोच और मजबूत हो सके।
