कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत को एक शिकायती चिट्ठी लिखी, जिसमें उन्होंने भाजपा और RSS के राजनीतिक रुख को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज की। यह चिट्ठी केजरीवाल ने पिछले तीन महीने में दूसरी बार भेजी, और इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि RSS और भाजपा की नीतियां समाज में विभाजन और घृणा फैला रही हैं, जिससे देश की एकता और सामाजिक समरसता को खतरा हो सकता है।
इस चिट्ठी में केजरीवाल ने RSS की राजनीति और उसके सांस्कृतिक एजेंडे को आलोचना करते हुए यह भी कहा कि भाजपा और RSS के बीच की विचारधारा का असर आम जनता और खासतौर पर धार्मिक अल्पसंख्यकों पर पड़ रहा है। उन्होंने भागवत से उम्मीद जताई कि वे इस दिशा में कुछ सकारात्मक कदम उठाएंगे और देश को एकजुट करने के लिए काम करेंगे।
इसके बाद भाजपा ने इस चिट्ठी का तीखा जवाब दिया। पार्टी ने AAP की नीतियों और केजरीवाल के नेतृत्व पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि केजरीवाल केवल अपनी राजनीति को बचाने और भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने में व्यस्त हैं। भाजपा ने केजरीवाल की चिट्ठी को न केवल राजनीतिक बयानबाजी माना, बल्कि यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी अब पूरी तरह से अपनी ‘आत्मा’ खो चुकी है।
भाजपा के नेताओं ने दिल्ली में AAP सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और यह दावा किया कि उनकी सरकार ने दिल्ली में असल में कोई ठोस विकास नहीं किया, और वे केवल केंद्र सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। भाजपा ने AAP से यह भी कहा कि वे नए साल के संकल्प लें और दिल्ली के विकास पर ध्यान केंद्रित करें। यह घटना दिल्ली के राजनीतिक माहौल में एक नया मोड़ ला रही है, जिसमें दोनों पक्ष अपने-अपने दृष्टिकोण को उजागर करने के लिए पत्रों और बयानबाजी का सहारा ले रहे हैं।
