संतोष यादव
प्रयागराज कुंभ मेला में आयोजित होने वाले महाकुंभ में ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनने की संभावना है। इस बार 'नेत्र कुंभ' पहल के तहत सबसे अधिक चश्मे वितरण और आंखों की जांच की जाएगी।
स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने ‘नेत्र कुंभ’ की पहल की प्रशंसा की। स्वामी ने कहा, ‘नेत्र कुंभ प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में भक्तों को मुफ्त नेत्र जांच प्रदान करने के लिए आयोजित एक पहल है। भारतीय संस्कृति की मुख्य अभिव्यक्ति सेवा ही है। आंख सबसे संवेदनशील अंग है, हम इससे पूरी दुनिया और खुद को देख सकते हैं। क्षमता के अनुसार ‘नेत्र कुंभ’ कार्यक्रम पूरी तरह से स्वागत योग्य है।
●तीन लाख चश्मे और पांच लाख OPD का है लक्ष्य
नेत्र कुंभ की आयोजन समिति में शामिल डॉ रंजन बाजपेयी ने बताया कि नेत्र कुंभ में भाग लेने वालों की संख्या पिछली बार से दोगुनी है, जिसमें 3 लाख चश्मे बांटने और 5 लाख आंखों की जांच करने की योजना है। स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे।
●गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल कराने का प्रयास
डॉ रंजन बाजपेयी ने बताया कि इसका उद्घाटन मुख्य अतिथि जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज के हाथों होगा, जबकि गौरांग प्रभु जी महाराज विशिष्ट अतिथि होंगे और संघ के सहकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी मुख्य वक्ता होंगे। नेत्र कुंभ को पहले ही लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया जा चुका है, इस साल इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
●पिछली बार 11,000 लोगों ने आंखें दान की थीं
राजेश कुमार ने बताया कि पिछले नेत्र कुंभ में 11 हजार से अधिक लोगों ने अपनी आंखें दान की थीं। श्रीलंका, जो हमसे बहुत छोटा देश है, पूरी दुनिया को कॉर्निया दान करता है। हमने यहां एक नेत्रदान शिविर लगाने का संकल्प लिया है, ताकि जो लोग अपनी आंखें दान करना चाहते हैं, वे दूसरों को दृष्टि का उपहार दे सकें।
