कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 3 नवंबर 2022 को मुख्यमंत्री सचिवालय संवाद में उर्दू अनुवादक और अन्य उर्दू कर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस कार्यक्रम में कहा कि जब उन्होंने समीक्षा की तो पाया कि उर्दू अनुवादक और अन्य उर्दू कर्मियों के लिए कुल 2,247 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 1,294 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने यह भी बताया कि माध्यमिक विद्यालयों में उर्दू शिक्षकों की बहाली के लिए सरकार ने प्रयास किए हैं, ताकि उर्दू भाषा का प्रसार हो सके।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में मदरसों की संख्या पहले 1,128 थी, जो अब बढ़कर 1,942 हो गई है। सरकार ने मदरसा शिक्षकों के वेतन में वृद्धि और आधारभूत संरचनाओं के विकास पर ध्यान दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड की जमीनों पर सभी जिलों में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों का निर्माण किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया, यह कहते हुए कि मुस्लिम वोट पाने के लालच में वे बिहार को पाकिस्तान बनाना चाहते हैं। भाजपा प्रवक्ता निखिल आनंद ने ट्वीट किया, 'भाई! बिहार में पाकिस्तान मत बनाओ, खुद पाकिस्तान चले जाओ।
