कैनविज टाइम्स, डिजिटल डेस्क ।
शारदा विश्वविद्यालय के छात्रावास में शुक्रवार रात बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा ज्योति शर्मा ने पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मूल रूप से गुरुग्राम की रहने वाली छात्रा ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें दो प्रोफेसरों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया। परिवार ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर महिंदर और शायरा (या शैलजा) द्वारा छात्रा के साथ लगातार मानसिक प्रताड़ना और अभद्र व्यवहार किया जा रहा था। सुसाइड नोट में भी छात्रा ने लिखा है, अगर मैं मर जाऊं तो पीसीपी और डेंटल मैटेरियल के टीचर ही दोषी होंगे, मैं चाहती हूं कि वो सलाखों के पीछे जाएं। घटना के बाद शनिवार को नाराज़ परिवार और छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर के गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। मृतका की मां ने गुस्से में विश्वविद्यालय के डीन को थप्पड़ भी मार दिया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने अब तक दो प्रोफेसरों महिंदर और शैलजा को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ जारी है। पुलिस ने कुल पांच प्रोफेसरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, पीड़ित परिवार अन्य तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहा है।
