Search News

श्री आनंद अखाड़े की पेशवाई में उमड़ा आस्था का हुजूम, धूमधाम से किया नगर प्रवेश हाथी, ऊंट और घोड़ों पर सवार दिखे नागा संन्यासी शोभा यात्रा जिन रास्तों से गुजरी, वहां पर खड़े श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा किया

SSS
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Santosh Yadav
  • Updated: January 7, 2025

संतोष यादव 

महाकुंभ नगर। महाकुंभ शुरू होने में बस कुछ दिन बाकी हैं। ऐसे में संन्यासी अखाड़ों की तरफ से छावनी प्रवेश शोभायात्रा निकालने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में सोमवार को तपोनिधि श्री पंचायती आनंद अखाड़ा की तरफ से छावनी प्रवेश शोभा यात्रा निकाली गयी।यह शोभा यात्रा शहर के अल्लापुर इलाके से शुरू होकर कई रास्तों से होती हुई महाकुंभ क्षेत्र में दाखिल हुई। शोभा यात्रा में वैसे तो हजारों की संख्या में संत महात्मा शामिल थे, लेकिन खास आकर्षण का केंद्र नागा सन्यासी थे।


महाकुंभ की शुरुआत में बस कुछ दिन बाकी रह गए हैं। ऐसे में देश-विदेश के कोने-कोने से साधु-संतों का जुटान शुरू हो गया है। महाकुंभ में संतों की संख्या को देखते हुए सरकार ने उचित इंतजाम किये हैं। देश के सभी अखाड़ों के संत प्रयागराज आ रहे हैं। गाजे-बाजे के साथ और हर हर महादेव का उद्द्घोष करते हुए संतों ने प्रयागराज के माहकुंभ में प्रवेश किया। इस दौरान अखाड़े के महंत आचार्य मंडलेश्वर बालकनंद जी महाराज ने अगुआई की।

●श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर किया गया स्वागत


साधुओं के छावनी प्रवेश शोभा यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे समय पुष्प वर्षा कर स्वागत सम्मान किया। सड़कों की दोनों पटरियों पर खड़े भक्त हाथ जोड़कर संतों से आशीष लिया। छावनी प्रवेश शोभा यात्रा के दौरान तपोनिधि श्री पंचायती आनंद अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि जी महाराज ने बताया कि सदियों से अखाड़े धर्म की रक्षा करने के साथ ही राजसी अंदाज में महाकुंभ मेला क्षेत्र में प्रवेश करते आ रहे हैं।

●शास्त्र के साथ ही अस्त्र-शस्त्र चलाने का भी दिया जाता है प्रशिक्षण


उन्होंने बताया कि अखाड़ों द्वारा आज भी उसी परम्परा का पालन किया जाता है। जिसके लिए अखाड़े के नागाओं संन्यासियों और संतो को शास्त्र के साथ ही अस्त्र-शस्त्र चलाने का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। जिससे कि कभी भी जरूरत पड़ने पर अखाड़े से जुड़े साधु-संत, संन्यासी नागाओं की सेना धर्म की रक्षा के लिए युद्ध लड़ सकें। मेला क्षेत्र में प्रवेश करने के दौरान साधु संत अपने भक्तों को कल्याण के लिए आशीष देते हुए मेला क्षेत्र में पहुंचे हैं।


●शैव संप्रदाय के सातों अखाड़ों का छावनी प्रवेश हुआ पूरा

आनंद अखाड़े की पेशवाई के साथ ही प्रयागराज महाकुंभ में शैव संप्रदाय के सातों अखाड़ों का छावनी प्रवेश पूरा हो गया है। बुधवार यानी आठ जनवरी को तीनों अणी अखाड़ों दिगंबर, निर्मोही और निर्वाणी का छावनी प्रवेश होगा। प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी से हो रही है।

Breaking News:

Recent News: