कैनवीज़ टाइम्स , डिजिटल डेस्क ।
भारत में सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करने के उद्देश्य से गृह मंत्रालय ने आज 244 जिलों में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया। यह मॉक ड्रिल हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले और पाकिस्तान-पीओके में भारतीय सेना द्वारा आतंकियों के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक के बाद की गई है।
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य:
इस मॉक ड्रिल का मकसद आपातकालीन हालात में नागरिक सुरक्षा तैयारियों का परीक्षण करना है। ड्रिल में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन, ब्लैकआउट की प्रक्रिया, बंकरों और खाइयों की व्यवस्था, निकासी योजनाएं और संचार व्यवस्था की जांच शामिल है। इसके अलावा, नागरिकों को जागरूक करने और आपात स्थितियों में सही प्रतिक्रिया देने का अभ्यास भी कराया गया।
मुंबई में विशेष आयोजन:
महाराष्ट्र में इस मॉक ड्रिल में करीब 10,000 स्वयंसेवक, एनसीसी कैडेट और होमगार्ड शामिल हुए। मुंबई में 60 स्थानों पर हवाई सायरन बजाए गए और 5 मिनट का ब्लैकआउट किया गया। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पर भी एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय रेलवे की नागरिक रक्षा इकाई ने अपनी सजगता का प्रदर्शन किया।
केंद्रीय रेलवे के CPRO डॉ. स्वप्निल निला ने बताया कि मॉक ड्रिल के माध्यम से रेलवे ने आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई और नागरिकों को जागरूक करने का प्रयास किया। ड्रिल के दौरान सुरक्षा उपायों और निकासी प्रक्रियाओं का भी परीक्षण किया गया।
संपूर्ण देश में मॉक ड्रिल:
कुछ राज्यों में यह मॉक ड्रिल सुबह 4 बजे से ही शुरू हो गई थी, जबकि कई अन्य राज्यों में यह ड्रिल शाम 7 और 7:30 बजे से आयोजित की गई। महाराष्ट्र के अलावा, अन्य राज्यों में भी नागरिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न परिदृश्यों का अभ्यास किया गया।
सुरक्षा तैयारियों को मजबूती:
इस मॉक ड्रिल के माध्यम से गृह मंत्रालय ने आपातकालीन प्रबंधन में समन्वय और त्वरित कार्रवाई की दक्षता को परखने का प्रयास किया है। इस अभ्यास से प्रशासनिक इकाइयों की तैयारी और नागरिक जागरूकता में सुधार की उम्मीद है।
सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का यह व्यापक आयोजन सुरक्षा बलों और नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में तत्पर रहने का संदेश देता है। मुंबई समेत देशभर में इस मॉक ड्रिल ने सुरक्षा जागरूकता को एक नया आयाम दिया है।
