काशीराम कॉलोनी बनी गंदगी का अड्डा
By- wahab uddin siddiqui
लखन। महापौर सुषमा खर्कवाल व नगर आयुक्त डॉ. इंद्रजीत सिंह शहर को साफ सुथरा रखने की जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं और लगातार उनके द्वारा सभी अधिकारियों को साफ सफाई संबंधी कड़े आदेश भी जारी किए जाते हैं, किंतु नगर निगम के कुछ अधिकारी व कर्मचारी महापौर व नगर आयुक्त के इन आदेशों को दरकिनार करते हुए देश के प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री के स्वच्छ भारत के सपने को तार तार करने में लगे हुए हैं। इसका एक नज़ारा वार्ड न्यू हैदरगंज तृतीय के काशीराम कॉलोनी फ़ेज़ वन में देखने को मिला। यहाँ गन्दगी की भरमार है नालिया कूड़े से पटी हुई हैं सड़कों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर हैं मुख्य मार्गो से हटकर कॉलोनी के जो अंदर के रास्ते हैं वहां भारी गंदगी फैली हुई है। जगह जगह सीवर ब्लॉक है लोग गंदगी के कारण क्षेत्र में बीमारी फैलने की बात भी कर रहे हैं। यहां स्थानीय निवासी मंजू प्रजापति कहती हैं सफाई कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आते हैं क्षेत्र में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है जिससे हमारे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। ब्लॉक 45 में रहने वाले रमजान कहते हैं क्षेत्रीय सुपरवाइजर साफ सफाई पर विशेष ध्यान नहीं देता है सीवर ब्लाक पड़ी है सीवर में पानी डालो तो बाथरूम में ही वापस लौट आता है गन्दगी से हमारे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं हम लोग गरीब लोग हैं इतना पैसा नहीं है कि डॉक्टर के पास रोज-रोज इलाज कराने जाए। 55/7 में रहने वाले इलियास कहते हैं सफाई कर्मचारी बमुश्किल महीने में 6 से 7 दिन आते हैं उसमें भी मुख्य मार्ग पर सफाई करके चले जाते हैं अंदर की गलियों में गंदगी फैली रहती है जिससे बदबू उठती है और गंदगी में मच्छर पैदा होते हैं जिससे तरह-तरह की बीमारियां आती हैं। वह कहते हैं शिकायत करने पर टीम एक बार आकर अंदर की गलियों की साफ सफाई कर जाती है। यही के धीरेंद्र प्रताप कहते हैं गंदगी ज्यादा है और सफाई कर्मी काम है नियमित रूप से सफाई कर्मचारी यहां नहीं आते हैं शिकायत करने पर ही साफ सफाई होती है। 64/9 में रहने वाली दुर्गा कहती हैं गंदगी की शिकायत यदि किसी से करो तो कर्मचारी आकर लड़ाई झगड़ा करते हैं कहते हैं अधिकारी से शिकायत क्यों की वो कहती हैं जिस दिन सफाई कर्मचारियों को यह पता चल जाता है कि आज अधिकारी निरीक्षण करने आने वाले हैं उस दिन कायदे से साफ सफाई कर दी जाती है उसके बाद फिर वही हाल हो जाता है। 63/3 के निवासी कैलाश चंद्र साहू कहते हैं कि यहां सीवर के टैंक भरे पड़े हैं जिससे गंदगी मची हुई है बदबू से लोग परेशान हैं ऊपर के फ्लैटों से भी लोग कूड़ा फेंक देते हैं जो की महीनो पड़ा रहता है। फ्लैट नं 72/1 में रहने वाले संजय कहते हैं की सीवर गंदगी से पाटे पड़े हैं सीवर का पानी वापस घरों में जाता है शिकायत करो तो महीनों हो जाते हैं कोई सफ़ाई करने नहीं आता है, 10-10 दिन तक झाड़ू नहीं लगती महीनों हो जाते हैं नालियाँ साफ नहीं होतीं सुबह होते ही हम लोग खुद डंडे से नाली की सफाई करते हैं शिकायत करो तो कोई सुनवाई नहीं होती है। अब बड़ा सवाल ये उठता है की आखिर क्षेत्रीय एसएफ़आई क्या कर रहे हैं। शहर में फैली डेंगी व चिकन गुनिया जैसी बीमारियों के बीच साफ़ सफाई के मामले में एसएफ़आई लापरवाही बरतने से आखिर बाज़ क्यों नहीं आ रहे हैं।