कैनवीज़ टाइम्स, डिजिटल डेस्क ।
भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सीजफायर के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर पर एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीनों सेनाओं के डायरेक्टर जनरल (डीजी) शामिल हुए, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किए गए कई महत्वपूर्ण कार्यों और खुलासों पर जानकारी दी। भारतीय वायुसेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि उसने कराची स्थित पाकिस्तान के सैन्य अड्डे को निशाना बनाया। वायुसेना ने स्पष्ट किया कि यह हमला रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण था और इसका उद्देश्य दुश्मन की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था।
चीनी मिसाइल को किया ध्वस्त:
भारतीय सेना ने इस दौरान यह भी खुलासा किया कि पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल की गई एक चीनी मिसाइल को मार गिराया गया। सेना ने दावा किया कि यह मिसाइल पीएल-15 एयर-टू-एयर मिसाइल थी, जो चीन निर्मित है। सेना ने इस मिसाइल के मलबे को भी दिखाया और कहा कि इसका उपयोग पाकिस्तान ने भारत पर हमले के दौरान किया था। एयर मार्शल एके भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पाकिस्तान की सेना ने आतंकवादियों को सीधा समर्थन दिया। उन्होंने कहा, “हमने फिर देखा कि पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों को समर्थन देकर भारत पर हमला किया। हमारी लड़ाई आतंकवादियों और उनके सहायक ढांचे से है, न कि पाकिस्तानी सेना से।”
भारतीय सेना ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली 'आकाश' ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। सेना ने कहा कि यह प्रणाली सभी प्रकार की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है और उसने दुश्मन के मिसाइल हमलों को प्रभावी ढंग से रोका। डीजीएमओ लेफ्टिनेंट राजीव घई ने कहा कि हाल के वर्षों में आतंकवादी गतिविधियों का स्वरूप बदल गया है और अब निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना किसी भी नए मिशन के लिए पूरी तरह तैयार है और सभी एयरबेस पहले की तरह पूरी तरह ऑपरेशनल हैं।
भारतीय सेना ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पाकिस्तानी सेना से लड़ना नहीं, बल्कि आतंकियों और उनके सहायक ढांचे को समाप्त करना है। सेना ने कहा, “हमने यह स्पष्ट किया है कि हमारा मिशन केवल आतंकवाद का सफाया करना है।” सेना ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पाकिस्तान की ओर से आतंकियों को दिए गए समर्थन और उसके नापाक इरादों का खुलासा किया। भारतीय सेना ने दो टूक कहा कि पाकिस्तान के आतंकवाद समर्थन का घड़ा भर चुका है और भारत उसके हर षड्यंत्र का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार है।
