कैनवीज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। बिहार सरकार ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। अब राज्य के 36 जिलों के 18 हजार से अधिक गांवों में डिजिटल क्रॉप सर्वे (Digital Crop Survey) किया जाएगा। इस फैसले से किसानों के लिए खेती में मददगार जानकारी और योजनाओं तक आसान पहुंच होगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे के जरिए किसानों की कृषि स्थिति की सही जानकारी प्राप्त की जाएगी, जिससे कृषि योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।
यह सर्वे प्रदेश में कृषि की स्थिति को सही रूप में समझने, फसल उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य, जलवायु परिस्थितियों, और अन्य कृषि संबंधित आंकड़ों का सही आंकलन करने में मदद करेगा। इससे नीतीश सरकार को किसानों के लिए और बेहतर योजनाएं लागू करने का मौका मिलेगा।
डिजिटल सर्वे के माध्यम से कृषि विभाग को सटीक आंकड़े मिलेंगे, जो किसानों को सहायक साबित होंगे। सरकार का यह कदम बिहार में कृषि के क्षेत्र में डिजिटल सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
1.18 लाख प्लॉट का सर्वे 31 जनवरी तक होगा
अग्रवाल ने कहा कि पांच जिले के 10 गांव में 1.18 लाख प्लॉट का डिजिटल क्रॉप सर्वे 31 जनवरी तक करना होगा। डिजिटल क्राप सर्वे करने वाले कर्मी को पांच रुपये प्रति प्लाट की दर से प्रोत्साहन राशि दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त पावर बैंक की सुविधा के साथ-साथ नेट के लिए अलग से राशि उपलब्ध कराई जाएगी। यह कार्य अनुमंडल कृषि पदाधिकारी के नेतृत्व में कराया जाएगा। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी को डिजिटल क्रॉप सर्वे का प्रशासनिक प्राधिकार नामित किया जाएगा। प्रत्येक अनुमंडल कृषि पदाधिकारी को नमूना के रूप में एक-एक गांव का डिजिटल क्रॉप सर्वे स्वयं अगले एक महीने में करना होगा, ताकि वे डिजिटल क्रॉप सर्वे के मास्टर ट्रेनर के रूप में काम सके।
