कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। तिथि:
सफला एकादशी (सफला एकादशी का व्रत विशेष रूप से भगवान श्री विष्णु की उपासना के लिए किया जाता है। इस दिन उपवास रखने से भक्तों को सुख-समृद्धि और पापों से मुक्ति मिलती है।)
नक्षत्र:
चित्रा नक्षत्र
योग:
ध्रुव योग
किंतु काल:
प्रदोष काल
राहु काल:
सुबह 07:30 से 09:00 तक
दिशाशूल:
उत्तर दिशा में
सुभ मुहूर्त:
1. ग्रह प्रवेश:
• 06:12 AM - 07:24 AM
2. विवाह मुहूर्त:
• 11:45 AM - 12:45 PM
3. नव ग्रह पूजा:
• 07:30 AM - 08:30 AM
4. व्यापार आरंभ:
• 02:00 PM - 04:00 PM
5. अन्न प्राशन:
• 06:30 PM - 07:30 PM
सफला एकादशी का महत्व:
सफला एकादशी का व्रत विशेष रूप से भगवान श्री विष्णु की पूजा के लिए किया जाता है। इसे हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यकारी व्रत माना जाता है। इस दिन उपासक भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करते हैं और उनका ध्यान करते हैं। इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति आती है। साथ ही पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग खुलता है।
सफला एकादशी का व्रत विशेष रूप से व्यापारियों के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है, क्योंकि इसे संपत्ति और धन में वृद्धि के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन उपासक व्रत रखते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं और भगवान श्री विष्णु की पूजा करते हैं।
आज के दिन क्या करना चाहिए?
1. सफला एकादशी का व्रत रखें - व्रत रखते समय केवल फलाहार लें और किसी प्रकार का तामसिक भोजन न करें।
2. श्री विष्णु का ध्यान करें - इस दिन भगवान विष्णु के मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करें।
3. तुलसी के पत्ते का महत्व - सफला एकादशी के दिन तुलसी के पत्तों का विशेष महत्व है, इसलिए पूजा में उनका समावेश करें।
4. दान करें - इस दिन दान देना बहुत फलदायी होता है, विशेषकर अन्न और वस्त्र दान करना पुण्यकारी माना जाता है।
आज का दिन सफला एकादशी का है, जो विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित है। यह दिन उन सभी के लिए शुभ है जो जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता की कामना करते हैं। व्रत और पूजा विधि को सही से पालन करके भक्त अपने जीवन को आशीर्वादित और समृद्ध बना सकते हैं।
