कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क।सोमवार को सोमवती अमावस्या है, जो खासतौर पर पितृ तर्पण और भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यधिक शुभ मानी जाती है। यह दिन विशेष रूप से धार्मिक दृष्टि से महत्व रखता है, क्योंकि सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है और अमावस्या का दिन पितृ पूजा के लिए उपयुक्त होता है। इस दिन का सही तरीके से पालन करने से व्यक्ति के सभी पितृ दोष समाप्त हो सकते हैं और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
आइए जानें आज का पंचांग और शुभ मुहूर्त:
आज का पंचांग:
• तिथि: अमावस्या (सोमवती अमावस्या)
• वार: सोमवार
• नक्षत्र: शतभिषा (Shatabhisha)
• योग: आयुष्मान
• करण: बालव
• द्वादशी तिथि समाप्त: 30 दिसंबर की सुबह 6:50 AM
• राहुकाल: दोपहर 12:05 PM से 12:55 PM तक (इस दौरान कोई भी महत्वपूर्ण कार्य नहीं करें)
शुभ मुहूर्त (पूजा व आरती के लिए):
• ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:30 AM से 5:30 AM तक (इस समय का उपयोग ध्यान, साधना और पूजा के लिए करें)
• संध्या काल पूजा मुहूर्त: शाम 5:30 PM से 6:00 PM तक
• दक्षिणा व दान देने का श्रेष्ठ समय: सुबह 8:00 AM से 9:00 AM तक
आज के विशेष कार्य:
• पितृ तर्पण और श्राद्ध कर्म: सोमवती अमावस्या का दिन पितृ तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन पितृों को तर्पण करके उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख और समृद्धि प्राप्त की जा सकती है।
• भगवान शिव की पूजा: भगवान शिव की पूजा और अभिषेक करने से सभी प्रकार के दुख समाप्त होते हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। खासकर इस दिन शिवलिंग पर दूध, जल, शहद और गंगाजल अर्पित करें और ओंम नम: शिवाय का जाप करें।

विशेष ध्यान रखने योग्य बातें:
1. राहुकाल: आज के दिन राहुकाल में कोई भी नया कार्य शुरू करने से बचें, क्योंकि यह समय शुभ कार्यों के लिए नहीं माना जाता।
2. दान: इस दिन गरीबों और ब्राह्मणों को दान देना विशेष फलकारी होता है। आप गायों को चारा या ब्राह्मणों को भोजन अर्पित कर सकते हैं।
3. सोमवती अमावस्या की आरती: इस दिन भगवान शिव और पितृ देवता की विशेष आरती करें, ताकि सभी कष्ट समाप्त हो सकें और आपके जीवन में सुख-शांति बनी रहे।
सोमवती अमावस्या का दिन विशेष रूप से धार्मिक कार्यों के लिए शुभ होता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा, पितृ तर्पण और दान-पुण्य करने से पुण्य मिलता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं। नए साल में खुशहाली और समृद्धि के लिए इस दिन का महत्व और भी अधिक है।
