कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। पटना, 6 जनवरी 2025: जन अभियान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को पटना सिविल कोर्ट से जमानत मिल गई है। उन्हें आज सुबह बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में कथित भ्रष्टाचार को लेकर गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद, प्रशांत किशोर को पटना सिविल कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।
गिरफ्तारी की वजह:
प्रशांत किशोर पर आरोप है कि उन्होंने और उनके समर्थकों ने BPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। उनका यह आरोप था कि परीक्षा में कई गड़बड़ियाँ और असमानताएँ हैं, जिनसे उम्मीदवारों के लिए निष्पक्षता की कमी हो रही है। इसके खिलाफ विरोध जताने के दौरान कई छात्रों और समर्थकों के साथ उन्होंने पटना में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान कुछ हिंसक घटनाएँ भी हुईं, जिसके कारण पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई के बाद, प्रशांत किशोर को जमानत मिल गई। कोर्ट ने यह आदेश दिया कि प्रशांत किशोर और उनके समर्थकों के खिलाफ लगाई गई धाराओं की सुनवाई की जाएगी, लेकिन फिलहाल उन्हें जमानत पर रिहा किया जाता है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरफ्तारी के बाद की सुनवाई में त्वरित निर्णय लिया।
प्रशांत किशोर का बयान
जमानत मिलने के बाद प्रशांत किशोर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हमने जो भी किया, वह छात्रों के हक के लिए था। हम बेमानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े हैं और हमारी लड़ाई जारी रहेगी। यह गिरफ्तारी हमें हमारे मिशन से विचलित नहीं कर सकती।" पीके को कोर्ट में पेश किया जाएगा पुलिस ने प्रशांत किशोर की गिरफ्तारी की पुष्टि कर दी है। आज संभवतः प्रशांत किशोर को कोर्ट में पेश किया जाएगा। समर्थक और बीपीएससी अभ्यर्थी जमा नहीं हो जाएं, इस कारण पुलिस उनके लोकेशन को बदल रही है। फिलहाल पटना से सेट नौबतपुर ब्लॉक के पिपलावा पुलिस स्टेशन में रखा गया है। आसपास किसी वाहन या व्यक्ति को जाने नहीं दिया जा रहा है। वाहनों की सघन चेकिंग चल रही है।
जन सुराज प्रवक्ता मनोज बैठा ने नीतीश सरकार पर साधा निशाना
प्रशांत किशोर को हिरासत में लिए जाने पर जन सुराज प्रवक्ता मनोज बैठा ने नीतीश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हमारे नेता को 3 बजे गिरफ्तार किया गया। इसके बाद कहा गया कि उन्हें एम्स ले जाकर मेडिकल कराया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पटना पुलिस पिछले 5-6 घंटे से उन्हें इधर से उधर घुमा रही है। बिहार की नीतीश सरकार संविधान भूल चुकी है, मानवता भूल चुकी है। इन्हें पता है कि इनके सिस्टम में गड़बड़ी है। अगर प्रशांत किशोर को छोड़ दिया गया तो धांधली सामने आ जाएगी। इसी लिए उन्हें इधर से उधर घुमाया जा रहा है।
जिला परिवहन कार्यालय पहुंची वैन
प्रशांत किशोर की जिस वैन को लेकर विवाद हो रहा था, गिरफ्तारी के बाद उसे शहर की पुलिस जिला परिवहन कार्यालय में ले आई है।
राजद जमकर हुई हमलावर
पटना में प्रशांत किशोर की गिरफ्तारी और पूरे मामले को लेकर राष्ट्रीय जनता दल की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। राजद नेता मृत्युंजय तिवारी का कहना है कि यह खा-पीकर किया गया एक वीआईपी विरोध-प्रदर्शन था। ये छात्रों के आंदोलन की आड़ में अपनी सियासत चमकाने का प्रयास कर रहे थे। अब तो सरकार और ये (प्रशांत किशोर) पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, दोनों ही पूरी तरह से एक्सपोज हो गए हैं। सरकार से मिलीभगत थी। उसके ही संरक्षण में ये बीते चार दिनों से नाटक किया जा रहा था। पुलिस-प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं, जब गांधी मैदान प्रतिबंधित क्षेत्र था तो वहां बैठने की इजाजत क्यों दी? पहले ही दिन क्यों नहीं हटाया? ये सरकार के द्वारा प्रायोजित आंदोलन छात्र और लोग भी समझ रहे हैं। बीपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन को बदनाम कर दिया। उनके भविष्य को अंधकार में कर दिया। छात्र-नौजवान कभी माफ नहीं करेंगे।
