कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क।दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के माहौल में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच बढ़ते विवाद में अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी सक्रिय हो गई है। हाल ही में, AAP नेता आतिशी ने कांग्रेस को लेकर कुछ तीखी टिप्पणियाँ की थीं, जिसके बाद बीजेपी के नेता कपिल मिश्रा ने इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मिश्रा ने आतिशी की टिप्पणी को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया कि इस टिप्पणी से एक बात साफ हो जाती है कि कांग्रेस और AAP के बीच की दोस्ती में अब दरार आ चुकी है।
1. आतिशी की टिप्पणी और बीजेपी की प्रतिक्रिया:
आतिशी ने कांग्रेस को लेकर कुछ बयान दिए थे, जिनमें उन्होंने पार्टी की नीतियों और कार्यशैली की आलोचना की। AAP नेता ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह खुद को बदलाव का प्रतीक दिखाने के बजाय पुराने और असफल विचारों को बढ़ावा दे रही है। इस पर कपिल मिश्रा ने कहा कि आतिशी की टिप्पणी ने यह साफ कर दिया कि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन में दरार आ चुकी है और इस बार वे चुनावों में एक-दूसरे के खिलाफ खड़े होंगे।संजय सिंह के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मुख्यमंत्री आतिशी ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला। आतिशी ने आरोप लगाए कि उन्हें (AAP) जानकारी मिली है कि भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस के उम्मीदवारों को फंड दे रही है, जिसमें संदीप दीक्षित का उम्मीदवार भी शामिल है। कांग्रेस ने नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से अरविंद केजरीवाल के खिलाफ संदीप दीक्षित को मैदान में उतारा है। कांग्रेस की इस कार्रवाई से ये स्पष्ट होता है कि पार्टी ने दिल्ली चुनाव के लिए बीजेपी के साथ कुछ समझौता किया है। आतिशी ने कांग्रेस को ये भी अल्टीमेटम दिया कि उसने अपनी पार्टी के नेताओं पर कार्रवाई नी की तो AAP गठबंधन में कांग्रेस के साथ नहीं रहेगी।
2. कपिल मिश्रा का बड़ा खुलासा:
कपिल मिश्रा ने कहा कि AAP और कांग्रेस के बीच की लड़ाई अब सार्वजनिक हो गई है, और यह विवाद दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनावों में दोनों पार्टियों के लिए नई चुनौतियां उत्पन्न कर सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और AAP दोनों ही सत्ता के लिए एक-दूसरे को पीछे खींचने का काम कर रहे हैं, और बीजेपी इस लड़ाई का फायदा उठाने के लिए तैयार है।
3. बीजेपी का रणनीतिक दृष्टिकोण:
बीजेपी की रणनीति इस मामले में साफ नजर आ रही है। पार्टी ने इस स्थिति को अपने पक्ष में मोड़ने का प्रयास किया है, और अब वे इस तकरार को जनता के बीच एक मुद्दे के रूप में पेश कर सकती है। कपिल मिश्रा ने कहा कि बीजेपी ने हमेशा जनता के हित में काम किया है और यह दोनों पार्टियां, जो अब आपस में लड़ रही हैं, केवल अपने स्वार्थ के लिए राजनीति कर रही हैं।
4. दिल्ली चुनाव पर असर:
बीजेपी का मानना है कि इस तरह के विवादों से दोनों विपक्षी पार्टियों के बीच गहरी दरारें पड़ सकती हैं, जिससे उनका वोट बैंक प्रभावित हो सकता है। दिल्ली में, जहां दोनों AAP और कांग्रेस का प्रभाव काफी है, ऐसे में बीजेपी के लिए यह एक अवसर हो सकता है, जिससे वे अपनी स्थिति मजबूत कर सकें। आतिशी की टिप्पणी और कपिल मिश्रा के खुलासे ने दिल्ली की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। कांग्रेस और AAP के बीच का विवाद अब चुनावी मुद्दा बन चुका है, जिससे बीजेपी को अपनी राजनीतिक रणनीति को और मजबूत करने का मौका मिल सकता है। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ये विवाद किस दिशा में बढ़ते हैं और इसका किस पार्टी को कितना फायदा या नुकसान होता है।
