कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने एक विवादास्पद बयान दिया है, जिसमें उन्होंने EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) का मतलब 'एवरी वोट अगेंस्ट मुल्ला' (हर वोट मुल्ला के खिलाफ) बताया। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में तूफान मचा दिया है और कई नेताओं ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। नितेश राणे ने यह बयान एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिया, जिसमें उन्होंने EVM के बारे में कहा कि इन मशीनों का उपयोग 'मुल्ला' यानी मुस्लिम समुदाय के खिलाफ वोटों को सुरक्षित करने के लिए किया जा रहा है। उनका यह बयान खासकर चुनावी राजनीति में मुस्लिम समुदाय की अहमियत और EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के रूप में देखा गया है।
इस बयान पर विरोधी पार्टियों ने नितेश राणे की कड़ी आलोचना की है। विपक्षी दलों ने इसे धर्म के आधार पर वोटों को विभाजित करने और सांप्रदायिक तानाबाना बनाने की कोशिश करार दिया है। वहीं, बीजेपी के नेता और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी विशेष समुदाय का अपमान करना नहीं था, बल्कि यह केवल चुनावी संदर्भ में एक बयान था।
