कैनविज टाइम्स, संवाददाता॥ सरकार ने राज्यसभा में बताया कि प्रतीक्षा सूची वाले यात्री ट्रेनों के आरक्षित कोचों में यात्रा नहीं कर सकते। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस सवाल के लिखित जवाब में कहा कि अनारक्षित कोचों में यात्रा करने वाले या अनाधिकृत रूप से आरक्षित कोचों में यात्रा करने वाले प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों का विवरण रेलवे के पास नहीं रखा जाता है।
रेलमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी ट्रेनों की प्रतीक्षा सूची की स्थिति की नियमित निगरानी की जाती है। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान रेलवे विशेष ट्रेनें भी चलाता है, ताकि यात्रियों को सहूलियत हो सके। इसके अलावा, उन्होंने यह बताया कि भारतीय रेलवे ने अपने कोचों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए एलएचबी (लिंक हाफ बैग) कोचों का उपयोग शुरू किया है, जिनमें मैनुअल कपलिंग नहीं होती है। ये कोच सेंटर बफर कपलर से लैस होते हैं, जो सुरक्षा और सुगमता को बढ़ाते हैं।
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक दुर्घटना की तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें एक रेल कर्मचारी की डीकपलिंग के दौरान इंजन और कोच के बीच दबकर मौत हो गई थी। रेल मंत्री ने इस दुर्घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कपलिंग या अनकपलिंग के कारण नहीं हुई, बल्कि पूर्व मध्य रेलवे में रेलवे कर्मचारियों के बीच गलतफहमी के कारण यह हादसा हुआ था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दुर्घटना में तकनीकी कारणों का कोई योगदान नहीं था, बल्कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण मानव त्रुटि थी।
रेल मंत्री ने यह भी कहा कि रेलवे सुरक्षा के लिए निरंतर कदम उठा रहा है और कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।…
