जर्मन भाषा प्रशिक्षण से विद्यार्थियों के लिए खुलेगा वैश्विक रोजगार का द्वार
KMC भाषा विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को वैश्विक रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जर्मन भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने किया। विश्वविद्यालय की इस पहल को विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
A1 से B2 स्तर तक मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को जर्मन भाषा के A1 से B2 स्तर तक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जो विशेष रूप से जर्मनी में रोजगार व प्लेसमेंट के अवसरों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इस प्रशिक्षण की मुख्य बातें:
- कुल अवधि: लगभग 3 से 4 माह
- प्रथम चरण (A1, A2): विश्वविद्यालय परिसर में ऑफलाइन, प्रतिदिन 4 घंटे कक्षाएं
- द्वितीय चरण (B1, B2): ऑनलाइन माध्यम से, प्रतिदिन 2 घंटे कक्षाएं
- प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क
विदेशी भाषा ज्ञान खोलेगा रोजगार के नए द्वार: कुलपति
कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहा कि वर्तमान समय में विदेशी भाषाओं का ज्ञान विद्यार्थियों के लिए रोजगार और वैश्विक अवसरों के नए द्वार खोलता है। यह पहल विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमताओं को विकसित करने तथा जर्मनी में रोजगार व प्लेसमेंट के अवसर प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डीन एकेडमिक्स प्रो. सौबान सईद ने कहा कि विदेशी भाषाओं का ज्ञान विद्यार्थियों के अकादमिक विकास के साथ-साथ उनके व्यावसायिक भविष्य को भी मजबूत करता है।
जापानी भाषा प्रशिक्षण भी जल्द होगा शुरू
कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिखा सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुमन कुमार मिश्र ने दिया। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के लिए जापानी भाषा का प्रशिक्षण भी आगामी माह से शुरू किए जाने की संभावना है, जिसके लिए विश्वविद्यालय, रोजगार मिशन, रोजगार संस्थानों तथा उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. मिश्र ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को शुरू कराने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मंत्री अनिल राजभर तथा विभागीय अधिकारियों का सहयोग प्राप्त हुआ, जिसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में रहे मौजूद
उद्घाटन अवसर पर प्रो. चंदना डे, डॉ. अब्दुल हफीज, डॉ. राजेंद्र कुमार त्रिपाठी, डॉ. दिगेश पांडेय और अमन मिश्रा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय की यह पहल विद्यार्थियों को विदेशी भाषा, रोजगारपरक कौशल और वैश्विक अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है।
