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अमेरिकी सैन्य अधिकारी हानाई ने वर्दी छोड़ अपनाया सनातन धर्म महाकुंभ 2025‌ आस्था से सराबोर कुंभ मेला पहुंच रही है विदेशी महिलाएं एमबीए की पढ़ाई कर 2014 में सैन्य अफसर के रूप में संभाली कमान

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  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Santosh Yadav
  • Updated: January 6, 2025

 

संतोष यादव 

 प्रयागराज‌‌ महांकुंभ 2025  अगले हफ्ते यानि 13 जनवरी से महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है। इसके लिए तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई है। इस बार महाकुंभ के दौरान 75 देशों से लगभग 40 करोड़ पर्यटकों के आने की संभावना है।

आस्था के इस महाकुंभ में हर व्यक्ति की यही इच्छा होती है कि वह मोक्ष प्राप्त कर ले। यह जोश हर किसी में दिखता है कि वह पवित्र गंगा की गोद में डुबकियां लगाए और जी भरकर उसकी लहरों में खेले, इसकी बानगी कुम्भ नगर में अमेरिका की महिला सैन्य अफसर के नव संस्कार में दिखाई दी।उनकी मान्यता है कि पवित्र गंगाजल ना केवल हमारे पापों को नष्ट करता है बल्कि हमें मोक्ष की प्राप्ति भी करवाता है।
महाकुंभ में वह‌ पूरी तरह सनातनी बन गई हैं।
क्रियायोग के प्रशिक्षण से प्रभावित होकर अमेरिकी सैन्य अधिकारी हानाई महाकुंभ का हिस्सा बनने व सनातन संस्कृति अपनाने भारत आई हैं। उन्होंने भगवा वस्त्र धारण कर लिया है। जल्द ही उनका नया नामकरण हो जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार अमेरिका के बोस्टन शहर की हानाई सेना के लेखा विभाग में अधिकारी रही हैं। पढ़ाई में तेज हानाई घूमने और लिखने की शौकीन रही हैं। महंगे शौक उनकी जीवन शैली का हिस्सा रहा हैं।
हानाई कहती हैं, मां की बदौलत ही वह सेना में उच्च पद पर पहुंच सकीं। रोड आईलैंड की जॉनसन एंड वेल्स यूनिवर्सिटी से एमबीए करके हानाई ने 2014 में सैन्य अफसर के रूप में कमान संभाली।

हानाई बतातीं हैं कि वे पहली बार यूट्यूब के जरिये आध्यात्मिक गुरु स्वामी योगी सत्यम के क्रियायोग अभ्यास से जुड़ीं और तभी से उनका मन माया मोह से विरत होने लगा। 2018 में पहली बार भारत आई थीं। वह मांसाहार भी करती रही हैं, लेकिन अभ्यास से उनका जीवन पूरी तरह बदल गया।अपने आपको गंगा के प्रति समर्पित करके मैंने काफी हल्का महसूस किया।

महाकुम्भ पर्व हमें अवगत कराता है और बताता है कि भारतीय संस्कृति कितनी समृद्घ है। महात्मा गांधी को अपना आदर्श मानने वाली हानाई सनातन धर्म से प्रभावित होकर महाकुंभ में पूरी तरह सनातनी बन गई हैं। वह कहती हैं कि मन करता है कि अब भारत में ही रह जाऊं उनका मानना है कि क्रियायोग अभ्यास के रूप में सनातन धर्म सबको मिलाता, जोड़ता और खुशहाल बनाता है।

हानाई ने यह भी बताया कि क्रियायोग अभ्यास द्वारा उनका जीवन पूरी तरह से बदल चुका है। उनका जीवन अब साधना और आध्यात्मिक उन्नति पर आधारित है, और वे मानती हैं कि यह मार्ग ही उन्हें सच्ची शांति और संतुष्टि की ओर ले जाएगा।

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