कैनवीज़ टाइम्स , डिजिटल डेस्क ।
'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन के मुख्यालय समेत कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। इस ऑपरेशन में 300 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की खबर है। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों का मिशन यहीं खत्म नहीं हुआ है। अब उनकी नजर इन आतंकवादी संगठनों के बड़े सरगनाओं पर है, जिनके नए ठिकानों की पहचान की जा रही है। पाकिस्तान ने भारत की संभावित कार्रवाई को देखते हुए मसूद अजहर, हाफिज सईद और सैयद सलाउद्दीन समेत कई बड़े आतंकियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। इनमें से कई गुलाम कश्मीर के लॉन्च पैड पर सक्रिय आतंकियों को भी स्थानांतरित किया गया है।
एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, भारत का लक्ष्य केवल आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करना नहीं है, बल्कि इन संगठनों के शीर्ष नेतृत्व को भी समाप्त करना है। उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को एक स्पष्ट संदेश दिया है, लेकिन असली लक्ष्य आतंकी सरगनाओं का खात्मा है।"
खुफिया एजेंसियों ने जानकारी दी है कि बहावलपुर में हुए हमले में मसूद अजहर के परिवार के 10 से 13 सदस्य मारे गए हैं। इन मौतों के बाद मसूद अजहर मानसिक रूप से टूट चुका है और उसकी स्थिति अस्थिर बताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर आतंकियों के इन नए सुरक्षित ठिकानों को भी निशाना बनाया जाएगा। भारत की सुरक्षा एजेंसियां इन आतंकियों की हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रख रही हैं और सही समय पर कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
