कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में नागरिक सेवाएं होंगी अधिक प्रभावी और पारदर्शी, लखनऊ में तकनीकी व्याख्यान
आईईआई उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र और आईआईपीए की संयुक्त पहल, डॉ. प्रवीण कुमार शुक्ला ने बताईं एआई की उपयोगिता
लखनऊ। द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (आईआईपीए), उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय शाखा के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को रिवर बैंक कॉलोनी स्थित इंजीनियर्स भवन में 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में नागरिक सेवा' विषय पर तकनीकी व्याख्यान आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिक सेवाओं में हो रहे तकनीकी बदलावों और जनसेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं सुगम बनाने में आधुनिक तकनीक की भूमिका से प्रतिभागियों को अवगत कराना रहा।
अध्यक्षीय संबोधन
कार्यक्रम की अध्यक्षता आईईआई उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र के चेयरमैन इं. वी. पी. सिंह ने की। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता वर्तमान समय में नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने अभियंताओं एवं तकनीकी विशेषज्ञों से नई तकनीकों को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
🎓 मुख्य वक्ता का व्याख्यान
बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के प्रोफेसर एवं डीन डॉ. प्रवीण कुमार शुक्ला ने नागरिक सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका और इसके विभिन्न अनुप्रयोगों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एआई आधारित तकनीकों से जनसेवाएं तेज, पारदर्शी और प्रभावी बन सकती हैं। साथ ही नागरिकों को बेहतर सेवाएं देने और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के कई पहलुओं पर प्रकाश डाला।
👥 उपस्थित गणमान्य
कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्थान के मानद सचिव इं. एन. के. निषाद ने अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। आईईआई के आईपी प्रेसिडेंट इं. ई. वी. बी. सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने एआई और आधुनिक तकनीकों से नागरिक सेवाओं को प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर विचार रखे।
कार्यक्रम में निम्न भी उपस्थित रहे:
- वी. एन. चन्ना, सेवानिवृत्त आईएएस (विशिष्ट अतिथि)
- आर. रामानी, सेवानिवृत्त आईएएस एवं अध्यक्ष, आईआईपीए उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय शाखा
- के. रविंदर नाइक, सेवानिवृत्त आईएएस एवं सचिव, आईआईपीए
💬 संयोजक का वक्तव्य
कार्यक्रम की संयोजक एवं आईआईपीए की संयुक्त सचिव पद्मा अय्यर ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उन्नत तकनीकों की जानकारी अभियंताओं एवं प्रशासनिक क्षेत्र के पेशेवरों के लिए आवश्यक है। ऐसे व्याख्यान नवीन तकनीकों की समझ विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
समापन पर इं. एन. के. निषाद ने मुख्य वक्ता, अध्यक्ष, विशिष्ट अतिथियों, आईआईपीए पदाधिकारियों, अभियंताओं, शिक्षाविदों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
