कैनवीज टाइम्स/डिजिटल डेस्क/लखनऊ । गोण्डा:पुलिस अधीक्षक विनीत जयसवाल ने कहा कि यदि हम किसी के झांसे और लालच में नहीं आए और किसी अनजान लिंक या वीडियो कॉल को रिसीव नहीं करें तो काफी हद तक साइबर फ्रॉड से बच सकते हैं।कोई भी सरकारी एजेंसी व्यक्ति से आधार नंबर,बैंक डिटेल या ओटीपी और पिन जैसी पर्सनल डिटेल नहीं मांगती।ये डिटेल हमें किसी को भी शेयर नहीं करनी चाहिए।विनीत जयसवाल ने यह बात मंगलवार को एससीपीएम कॉलेज में छात्र-छात्राओं एवं स्कूल के स्टाफ के साथ वर्कशाप में
आयोजित कार्यक्रम में कही।
ऑपरेशन “साइबर कवच’’ अभियान की शुरूआत
जिले के सभी थाना प्रभारी निरीक्षक व क्षेत्राधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक प्रतिदिन विद्यालयों,प्रतिष्ठित संस्था ओं एवं महत्वपूर्ण स्थानों पर वर्कशॉप एवं गोष्ठियां कर इंटरनेट के माध्यम से हो रहे अपराधों के बारे में जानकारी दे रहे है और इंटरनेट के प्रयोग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताए।इसके अतिरिक्त विद्यालयों में पम्पलेट वितरित कर महत्वपूर्ण स्थानों पर पोस्टर चस्पा किये जाने की कार्यवाही करें।वही पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रेजेंटेशन (पीपीटी ) के माध्यम से सभी को साइबर अपराध की जानकारी दी गयी है और बताया कि इंटरनेट के उपयोग की सही जानकारी होने पर साइबर अपराध से बचा जा सकता है और एटीएम में ट्रांजेक्सन करते समय अन्य कोई व्यक्ति उपस्थित न रहे,बैंक के नाम पर टेलीफोन कॉल पर एटीएम,बैंक अकाउंट्स सम्बन्धी कोई जानकारी जैसे ओटपी,सीवीवी,नम्बर आदि कभी भी किसी से साझा न करे।बीमा कम्पनी,नौकरी.कॉम के नाम से कॉल किये जाने पर बिना सत्यापन किये कोई जान कारी न दे।सोशल मीडिया प्लेटफार्म व्हाट्सअप,ट्विटर, फेसबुक व इंस्टाग्राम पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक न करें क्योंकि कोई भी व्यक्ति आसानी से आपकी जानकारी का इस्तेमाल कर दुरूपयोग कर सकता है।

साइबर अपराध से बचने के लिए सुरक्षा के टिप्स
ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें,किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल,ओटीपी,बायोमैट्रिक डेटा,पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें।सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें।अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें।ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षित वेबसाइट्स का उपयोग करें।पासवर्ड को मजबूत और गुप्त रखें।ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें।साइबर बुलिंग और साईबर स्टॉकिंग के मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें।ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कंपनी प्रबंधन और पुलिस को सूचित करें।साइबर क्राइम की रिपोर्ट करने के लिए हेल्प लाइन नम्बर 1930 का प्रयोग करें और समय - समय पर पासवर्ड बदलते रहे।
