संतोष यादव
करछना प्रयागराज तीर्थंराज प्रयागराज के त्रिवेणी तट पर आयोजित होने जा रहे मानव समरसता के मेले महाकुंभ ने व्यापार और कारोबार पर भी अपना रंग चढ़ा दिया है ऐसे में नविको को भी अपने आमदनी बढ़ाने का एक मौका नजर आ रहा है कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा और यमुना क़ी सैर कराने के लिए मेला प्रशासन को 4 हज़ार नावों की जरूरत है जबकि वर्तमान में नावों की संख्या मात्र 1455 है । ऐसे में मेला प्रशासन को लगभग ढाई हज़ार और नावों की जरूरत है जिसके चलते अचानक नावों क़ी डिमांड बढ़ गई है और निषादों की बस्ती में युद्ध स्तर पर नावों को बनाने का काम चल रहा है ।
किला घाट और अरैल मोहल्ले की निषाद बस्ती में इन दिनों हर दूसरे घर मे नावों के निर्माण का काम चल रहा है । और पुरानी नावों को सजाने का काम हो रहा है.कुंभ के शुरू होने में चंद दिन शेष है ऐसे में हर कोई समय से नावों की आपूर्ति में जुटा है क्योंकि डिमांड इतनी है कि सप्लाई आसान नही । नावों का निर्माण इस निषाद बस्ती में रहने वाले परिवार के आय का बड़ा साधन होता है और इतनी बड़ी संख्या नावों का ऑर्डर उन्हें पहले कभी नही मिला, केवट समाज के लिए नावों का निर्माण और मेले में उनका संचालन बड़ा अवसर है ।
लिहाजा कुंभ मेला हजारों परिवारों के लिए खुशियां लेकर आया है कुंभ के चलते लोगों को रोजगार मिला है जिससे लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, नाविक और केवट समाज के लिए तो कुंभ मेला किसी वरदान के जैसा ही लग रहा है । किला घाट पर जहाँ पुरानी नावों का मरम्मत का कार्य चल रहा है तो वही नैनी के अरैल निषाद बस्ती के कारखाने में नावों का निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है । नाव के कारीगर ने बताया कि एक नाव को बनाने में दो दिन लगते है । नाव को बनाने में साखू की लकड़ी, टीन की चादर, तारकोल और कुछ दूसरी सामग्री का इस्तेमाल होता है ।
नाव का निर्माण कर रहे कारीगरो ने बताया क़ी नाव कई तरह और कई साइज को होती है. जिनकी जैसी साइज होती है वैसे उनका दाम भी होता है. लेकिन ज्यादातर नावे संगम में मिडियम साइज क़ी चलती है इसलिए हम लोग मिडियम साइज के नाव का निर्माण कर रहे है जिसकी कीमत 70 से 75 हजार रूपये होती है.
महाकुंभ 2025 के लिए सरकार ने नाविकों के हित में कई बड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं नाविकों को लाइफ जैकेट और सुरक्षा बीमा सर्टिफिकेट वितरित किए। इसके साथ ही नावों की मरम्मत और सौंदर्यीकरण के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है। , सुरक्षा बीमा, और नाव यात्रा के शुल्क में 50% की वृद्धि प्रदान की है।
बस्ती क़ी रहने वाली महिलाओ ने कहा क़ी हमारे परिवार के लिए कुंभ के दौरान नाव के निर्माण के अलावा गंगा-यमुना में नाव चलाने से भी अच्छी खासी आमदनी होगी । कुंभ मेला उनके परिवारों के लिए खुशियां लेकर आया है ।और इस महाकुम्भ से उन्हें खासी उम्मीद है क़ी उनकी भी आमदनी बढ़ेगी.
