कैनवीज टाइम्स/डिजिटल डेस्क/लखनऊ । उत्तर प्रदेश के एक बड़े मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है, जहां एक चपरासी और एक बैंक मैनेजर ने मिलकर सरकार को 10 करोड़ रुपये का चूना लगाया। यह घोटाला बैंक के अंदर हुए धोखाधड़ी से जुड़ा था, जिसमें कई अन्य लोगों की भी संलिप्तता पाई गई है। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चपरासी, बैंक मैनेजर और अन्य आरोपित शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, बैंक मैनेजर और चपरासी ने मिलकर सरकारी खजाने से धन निकालने की साजिश रची थी। आरोपियों ने विभिन्न सरकारी खातों से पैसे ट्रांसफर किए और जाली दस्तावेज तैयार किए, जिससे वे सरकार के पैसों को हड़पने में सफल रहे। आरोपियों ने नकली लेन-देन और फर्जी खाता निर्माण के जरिए सरकारी धन को अवैध रूप से अपने खातों में ट्रांसफर किया।
यह घोटाला तब सामने आया जब बैंक की आंतरिक जांच और ऑडिट के दौरान कुछ अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद, पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू की और इस धोखाधड़ी के पीछे छुपे लोगों का पर्दाफाश किया। पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें मुख्य आरोपित बैंक मैनेजर और चपरासी शामिल हैं, जबकि बाकी आरोपी धोखाधड़ी में उनका साथ दे रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की और अब यह स्पष्ट हो चुका है कि इन आरोपियों ने सरकारी धन के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है। इस घोटाले ने बैंकिंग सिस्टम और सरकारी खजाने की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।
