लखनऊ, कैनविज टाइम्स संवाददाता। दुनिया भर के नामी गोल्फरों की भागीदारी के साथ दिल्ली गोल्फ क्लब में शुरू हो रहे डीपी वर्ल्ड चैंपियनशिप में खिलाड़ी कोर्स को पर्याप्त सम्मान दे रहे हैं। उनका मानना है कि दिल्ली गोल्फ क्लब में ज़्यादा ताकत हमेशा फायदेमंद नहीं होती, बड़े नाम से कोई मदद नहीं मिलती, और जो खिलाड़ी कोर्स की बनावट को नहीं समझ पाता, वह जल्द ही मुश्किल में पड़ सकता है। भारतीय राजधानी में 15 से 18 अक्टूबर तक एक वर्ल्ड-क्लास टूर्नामेंट के लिए बड़े चैंपियन, राइडर कप स्टार और इंटरनेशनल गोल्फ के कुछ सबसे बड़े नाम इकट्ठा होंगे। इस टूर्नामेंट की अहमियत इसके चार मिलियन अमेरिकी डॉलर के प्राइज़ मनी से कहीं ज़्यादा है। बाहर से आने वाले स्टार खिलाड़ियों के लिए यह एक खास माहौल में खेलने और अपने करियर में एक और खिताब जोड़ने का मौका है। रोरी मैकलरॉय की मौजूदगी और मज़बूत इंटरनेशनल खिलाड़ियों की टीम इस चैंपियनशिप को ग्लोबल पहचान दिलाती है। मैकलरॉय जब भी खेलते हैं तो उनसे जीत की उम्मीद की जाती है। वह अब वापस आकर बहुत उत्साहित हैं, और इस बार वह डीपी वर्ल्ड के ग्लोबल एंबेसडर भी हैं। उन्होंने कहा, "पिछले साल मेरा अनुभव बहुत शानदार रहा था, और अब मैं डीपी वर्ल्ड एंबेसडर के तौर पर यहां आया हूं। मैंने उस कंपनी के साथ अपने रिश्ते और मज़बूत किए हैं जो यह इवेंट आयोजित करती है और डीपी वर्ल्ड टूर की मुख्य प्रायोजक भी है। ज़ाहिर है, मैं वापस आकर और उनका प्रतिनिधित्व करके बहुत खुश हूँ।" उन्हें डीजीसी की चुनौतियों के बारे में भी याद आया और उन्होंने कहा, “यह वैसा ही मुश्किल है जैसा पिछले साल था। यह निश्चित रूप से उस गोल्फ़ कोर्स से अलग है जिस पर हम आम तौर पर खेलते हैं। यहां टी से खेलने के लिए ज़्यादा जगह नहीं मिलती - टी शॉट्स के लिए बहुत सारे आयरन और रणनीतिक खेल की ज़रूरत होती है। मुझे लगता है कि इस साल रफ़ पिछले साल की तुलना में बहुत ज़्यादा लंबी और घनी है, इसलिए यह एक चुनौती होगी। लेकिन अगर आप टी से आयरन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपको रफ़ में नहीं जाना चाहिए; कल मैं खुद से यही कहूँगा।” इस इंटरनेशनल इवेंट के साथ-साथ एक और भारतीय कहानी भी सामने आ रही है। यह चैंपियनशिप डीपी वर्ल्ड टूर और डीपी वर्ल्ड प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ़ इंडिया (पीजीटीआई) द्वारा मिलकर आयोजित की जा रही है, जो देश के घरेलू सर्किट को सीधे ग्लोबल गेम से जोड़ती है। इस हफ़्ते के आखिर में पीजीटीआई ऑर्डर ऑफ़ मेरिट में टॉप पर रहने वाले खिलाड़ी को 2027 के लिए डीपी वर्ल्ड टूर में खेलने का मौका मिलेगा। इससे घरेलू सीज़न में टॉप पोजीशन के लिए लड़ रहे सप्तक तलवार, खालिन जोशी और वीर अहलावत के लिए यह टूर्नामेंट उनके करियर को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
