कैनवीज़ टाइम्स , डिजिटल डेस्क ।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के कनीना कस्बे के वार्ड एक की निवासी 90 वर्षीय भगवती देवी का निधन हो गया। लेकिन उनके दो पोते विकास यादव और अविनाश यादव, जो देश की रक्षा के लिए सीमा पर तैनात हैं, अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। दोनों ने देश सेवा को प्राथमिकता देते हुए ऑनलाइन ही अपनी दादी को श्रद्धांजलि दी और कहा कि सीमा की रक्षा करना उनका पहला कर्तव्य है। विकास यादव भारतीय वायुसेना (Airforce) में 2019 में भर्ती हुए थे और इस समय गुजरात के कच्छ भुज में तैनात हैं। वह हाल ही में एक महीने पहले अपने घर आए थे और अपनी मां से मिलकर वापस ड्यूटी पर लौट गए थे।
अविनाश यादव, जो 2018 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में भर्ती हुए, फिलहाल श्रीनगर में तैनात हैं। करीब 15 दिन पहले उनके घर पुत्र का जन्म हुआ था, जिसके कारण वह घर आए थे। लेकिन सीमा पर तनाव बढ़ने के कारण उन्हें अपनी ड्यूटी पर वापस लौटना पड़ा। शनिवार को जब उनकी दादी भगवती देवी का निधन हुआ, तो परिजनों ने फोन पर दोनों को इसकी जानकारी दी। लेकिन देश सेवा के प्रति अपने कर्तव्य को प्राथमिकता देते हुए दोनों ने घर न लौटने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने-अपने ड्यूटी स्थल से ही अपनी दादी को श्रद्धांजलि दी।
गौरतलब है कि विकास और अविनाश के पिता सुरेश कुमार भी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में कार्यरत थे और 1999 में हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया था। पिता की इस सेवा भावना ने ही दोनों पोतों को देश सेवा के लिए प्रेरित किया। परिवार और गांव के लोगों ने दोनों जवानों के इस निर्णय को सराहा और गर्व महसूस किया कि उनके गांव के दो सपूत देश की सुरक्षा के लिए अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को भी पीछे छोड़ सकते हैं।
