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दिल्ली-एनसीआर में पुराने वाहनों के लिए नया नियम: एक अप्रैल 2026 से नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

दिल्ली-एनसीआर के 19 जिलों में एक अप्रैल 2026 से पुराने वाहनों को पेट्रोल और डीजल नहीं मिलेगा। सीएक्यूएम के निर्देश पर पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे। जानें पूरी जानकारी।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Kritika pandey
  • Updated: May 12, 2025

कैनवीज़ टाइम्स , डिजिटल डेस्क । 

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बड़ा कदम उठाया है। 1 अप्रैल 2026 से एनसीआर के 19 जिलों में समय सीमा पूरी कर चुके पुराने वाहनों को पेट्रोल और डीजल नहीं मिलेगा। इसके तहत सभी पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (एएनपीआर) कैमरे लगाए जाएंगे, जो वाहनों की उम्र की पहचान करेंगे।

किस प्रकार लागू होगा नया नियम?

दिल्ली और पांच प्रमुख जिलों में: यह नियम पहले लागू होगा। दिल्ली में 1 जुलाई 2025 से और गुरुग्राम, सोनीपत, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद में 1 नवंबर 2025 से पुराने वाहनों को ईंधन मिलना बंद हो जाएगा।

बाकी 14 जिलों में: हरियाणा के 11, उत्तर प्रदेश के छह और राजस्थान के दो जिलों में 1 अप्रैल 2026 से यह नियम लागू होगा।

सीएक्यूएम ने सभी पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरे लगाने का निर्देश दिया है, जो वाहन नंबर प्लेट स्कैन कर उनकी उम्र की जांच करेंगे। जिन वाहनों की उम्र सीमा समाप्त हो चुकी होगी, उन्हें ईंधन नहीं दिया जाएगा।

वाहनों की आयु सीमा क्या है?

डीजल वाहन: अधिकतम 10 वर्ष।

पेट्रोल वाहन: अधिकतम 15 वर्ष।

किन जिलों में लागू होगा नया नियम?

दिल्ली और प्रमुख पांच जिले: गुरुग्राम, सोनीपत, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद।

हरियाणा के अन्य 11 जिले: नूंह, रोहतक, रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत, पलवल, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, जींद और करनाल।

उत्तर प्रदेश के छह जिले: मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर।

राजस्थान के दो जिले: अलवर और भरतपुर।

वाहन प्रदूषण पर सख्ती क्यों?

सीएक्यूएम के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण में वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रमुख कारक है, जो लगभग 42% प्रदूषण का कारण बनता है। विशेष रूप से पुराने वाहन अधिक प्रदूषण फैलाते हैं, इसलिए इन्हें सड़कों से हटाने की योजना बनाई गई है।

सीएक्यूएम का उद्देश्य और चेतावनी:

सीएक्यूएम ने सभी संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने राज्यों में इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। उल्लंघन करने पर संबंधित पेट्रोल पंपों और वाहनों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

इस नियम का प्रभाव:

दिल्ली-एनसीआर में पुराने वाहनों की संख्या में कमी आएगी।

वायु प्रदूषण स्तर में सुधार होगा।

वाहन मालिकों को अपने पुराने वाहनों की समय पर रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराने और आवश्यक सुधार कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

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