कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क।नई दिल्ली सीट पर आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। इस बार यहां तीन प्रमुख राजनीतिक परिवारों के सदस्य आमने-सामने होंगे। इनमें एक पूर्व मुख्यमंत्री (Ex-CM) और दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे शामिल हैं, जिनकी आपसी टक्कर दिल्ली की राजनीति के लिए नई दिशा और रूप ले सकती है।
1. अरविंद केजरीवाल (आप): दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस सीट से अपनी पार्टी, आम आदमी पार्टी (AAP), के उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान किया है। हालांकि, केजरीवाल इस बार सीधे नई दिल्ली सीट से नहीं लड़ रहे, लेकिन पार्टी के उम्मीदवार की जीत के लिए उनका प्रभावी प्रचार किया जा सकता है।
2. जयंत चौधरी (राष्ट्रीय लोकदल): पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी चरण सिंह के पोते और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के नेता जयंत चौधरी भी इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। उनका यह चुनावी दंगल भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों के लिए चुनौती पैदा कर सकता है, खासकर अगर वे जाट समुदाय को अपने पक्ष में लाने में सफल होते हैं।
3. विनोद शर्मा (कांग्रेस): कांग्रेस पार्टी की ओर से इस बार विनोद शर्मा, जो दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के करीबी सहयोगी रहे हैं, को उम्मीदवार बनाया गया है। शर्मा की उम्मीदवारी से कांग्रेस इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जो पिछली बार भाजपा और आप के बीच सिमट गई थी।
दिल्ली की नई दिल्ली सीट की राजनीति में यह मुकाबला इसलिए अहम है क्योंकि यह सीट न केवल दिल्ली के विकास के मुद्दों से जुड़ी है, बल्कि यहां जातिगत और सामाजिक समीकरण भी बड़े प्रभाव डाल सकते हैं। साथ ही, इस सीट पर इन तीन प्रमुख नेताओं के बीच कांटे की टक्कर होने की संभावना जताई जा रही है।
चुनाव के परिणाम पर भी यह सवाल उठ सकते हैं कि कौन सा दल दिल्ली की राजधानी में अपने प्रभाव को बनाए रखने में सफल रहेगा और कौन से राजनीतिक परिवार के सदस्य अपने पिता-दादी के राजनीतिक धरोहर को आगे बढ़ा पाएंगे।
