कैनवीज टाइम्स,डिजिटल डेस्क,लखनऊ। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन, उत्तर प्रदेश ने प्रदेश के सभी जनपदों में वितरण, पारेषण एवं विद्युत उत्पादन परियोजनाओं पर संकल्प सभाओं का आयोजन किया। इन सभाओं में बड़ी संख्या में जूनियर इंजीनियर और प्रोन्नत अभियंता सदस्य उपस्थित हुए। संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष इं0 गोपाल बल्लभ पटेल ने कहा कि सदस्यों ने निजीकरण के खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष करने का संकल्प लिया और विभाग तथा परिवार के भविष्य को बचाने के लिए एकजुट होने की अपील की।
पटेल ने बताया कि प्रदेश के पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रस्तावित निजीकरण के खिलाफ गहरा विरोध है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन आंकड़ों के आधार पर निजीकरण की योजना बनाई जा रही है, उनकी विश्वसनीयता संदिग्ध है। जुलाई 2024 में कॉरपोरेशन द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों में सुधार की बात कही गई थी, लेकिन अब वही आंकड़े निजीकरण के पक्ष में गलत तरीके से प्रस्तुत किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जहां भी निजीकरण हुआ, वहां विद्युत कर्मियों का भविष्य अंधकारमय हुआ और बिजली दरों में भारी वृद्धि हुई। यह निजीकरण न केवल कर्मचारियों, बल्कि आम विद्युत उपभोक्ताओं के लिए भी नुकसानदेह होगा।
पटेल ने उदाहरण देते हुए कहा कि निजी एजेंसियों द्वारा किए गए कार्यों में कई अनियमितताएं सामने आईं, जिनसे सुधार करने के लिए विभाग के कर्मचारियों को कदम उठाने पड़े। उन्होंने मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से अपील की कि वे निजीकरण के फैसले को तुरंत वापस लें ताकि विद्युत कर्मी और उपभोक्ता दोनों के हितों की रक्षा हो सके।
