कैनविज टाइम्स, डिजिटल डेस्क ।
कानपुर के एक घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में अवैध रूप से चल रही एक जूता-चप्पल फैक्ट्री में सोमवार देर रात भीषण आग लग गई। आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, जिसने देखते ही देखते पूरी पांच मंजिला इमारत को चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में तीसरी मंजिल पर फंसे एक दंपती की मौत हो गई, जबकि उनकी तीन बेटियां झुलसकर गंभीर रूप से घायल हो गईं।
दमकल विभाग की 10 से अधिक गाड़ियों और एसडीआरएफ की टीमों ने रातभर रेस्क्यू अभियान चलाया। डीसीपी सेंट्रल दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि तीसरी मंजिल से दो शव बरामद किए गए हैं, जिन्हें रात तीन बजे बाहर निकाला गया। चौथी मंजिल पर बच्चों के कमरे थे, जहां भारी धुआं और तपिश के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं।
रात 12:15 बजे हाइड्रोलिक प्लेटफार्म की मदद से बचाव अभियान को तेज किया गया। करीब 1:00 बजे आग पर आंशिक रूप से काबू पाया गया, लेकिन कुछ देर बाद ही आग ने फिर विकराल रूप ले लिया। फायरकर्मियों ने दोबारा अभियान शुरू कर 2:45 बजे तक आग पूरी तरह बुझाई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस फैक्ट्री में लंबे समय से बिना किसी अनुमति के चमड़े के जूते-चप्पल बनाए जा रहे थे। बिल्डिंग में न कोई फायर सेफ्टी का इंतजाम था, न ही आपात निकास की व्यवस्था।
प्रशासन अब मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। यह हादसा नियम-कानूनों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है।
