कैनवीज टाइम्स,लखनऊ:
उत्तर प्रदेश में बिजली के निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर आज प्रदेशभर के बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। संघर्ष समिति के अनुसार, कार्य में कोई विघ्न नहीं डाला गया, लेकिन काली पट्टी बांधकर निजीकरण के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का संकल्प लिया गया। इस प्रदर्शन में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से लेकर मुख्य अभियंताओं ने भी भाग लिया।
11 दिसंबर को लखनऊ में नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स (एनसीसीओईईई) की बैठक होगी, जिसमें उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ में हो रहे निजीकरण के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। इस बैठक में ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन, आल इंडिया पावर डिप्लोमा इंजीनियर्स फेडरेशन सहित अन्य प्रमुख संगठन के नेता शामिल होंगे।

महाराष्ट्र और पंजाब में भी आज प्रदर्शन किए गए, और इन राज्यों के कर्मचारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार से निजीकरण के प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने की मांग की। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वे निजीकरण के निर्णय को निरस्त करें, क्योंकि उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारियों ने सर्वश्रेष्ठ बिजली आपूर्ति का रिकॉर्ड स्थापित किया है।
