कैनविज टाइम्स, डिजिटल डेस्क ।
नीतीश सरकार ने राज्य के युवाओं को शिक्षण क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य देने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया है। बिहार के हर जिले में अब एक सरकारी मॉडल बीएड कॉलेज खोला जाएगा। शिक्षा विभाग ने इस योजना के तहत प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के निर्देश के अनुसार अंतिम रूप दिया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, हर मॉडल बीएड कॉलेज में 120 सीटें होंगी। खास बात यह है कि इन कॉलेजों में आवासीय सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे ग्रामीण व दूरदराज के छात्रों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। इसके साथ ही सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि पहले से संचालित सरकारी बीएड कॉलेजों में अब बीए, बीएससी और बीकॉम जैसे सामान्य डिग्री कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। इससे उन विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा जो शिक्षक बनने के साथ-साथ सामान्य स्नातक की पढ़ाई करना चाहते हैं।
शिक्षा विभाग ने नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत एक और बड़ा कदम उठाया है। राज्य के बीएड कॉलेजों में अब संसाधन केंद्र (Resource Centres) खोले जाएंगे, जहां शिक्षण सामग्री तैयार करने और अभ्यास आधारित शिक्षण के तरीके सिखाए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को बच्चों को बेहतर ढंग से पढ़ाने की तकनीक भी सिखाई जाएगी। इसके अलावा, काउंसलिंग को भी एक महत्वपूर्ण विषय के रूप में शामिल किया गया है। इस दिशा में शिक्षा विभाग विशेष बीएड कोर्स शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है। नीतीश सरकार के इस निर्णय से न केवल राज्य में शिक्षक शिक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि बेरोजगार युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का अवसर भी उपलब्ध होगा। यह योजना राज्य में शिक्षा के स्तर को सुधारने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
