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बीकेटी विकासखंड की अधिकांश सहकारी समितियों पर नहीं है खाद,किसान परेशान

  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Praveen Yadav
  • Updated: November 17, 2024

 

बीकेटी,कैनविज टाइम्स संवाददाता

बीकेटी तहसील क्षेत्र के अधिकांश साधन सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद की आपूर्ति नहीं किए जाने से क्षेत्र के किसान परेशान हैं।किसान खाद के लिए समितियों का चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें खाद नही मिल पा रही है,प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद भी साधन सहकारी समितियों पर खाद की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति नहीं की गई है।यदि किसी केंद्र पर आपूर्ति की गई है तो वह ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है।वहीं प्राइवेट दुकानदार महंगे दामों पर खाद बेंच रहे है और उसकी गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं है।वही भारतीय किसान यूनियन उत्तर प्रदेश के सचिव रामप्रकाश सिंह ने प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर जानकारी देते हुए बताया कि साधन सहकारी समिति लि०अटेसुवा,विकास खण्ड- बख्शी का तालाब,जनपद-लखनऊ के बगल की साधन सहकारी समिति लि०शिवरी व मुसपिपरी काफी समय से बंद हैं,जिसके चलते इन साधन सहकारी समितियों के अधिकांशतः किसान अटेसुवा से खाद लेकर अपने फसलों की बुआई करते चले आ रहे हैं।लगभग 1 सप्ताह पूर्व साधन सहकारी समिति लि०अटेसुवा पर 390 बोरी डी०ए०पी०किसानों में बँटने के लिए आई थी।वही शनिवार को समिति पर किसानों की संख्या अधिक होने के चलते हंगामा होने पर थाना इटौंजा की पुलिस व ए०डी०ओ० कॉपरेटिव बी०के०टी० की उपस्थिति में डी०ए०पी० खाद का वितरण समिति के सचिव राम किशोर यादव द्वारा लाइन लगवाकर नियमानुसार शुरू किया गया था।200 बोरी डी०ए०पी० बँटने के बाद पॉश मशीन(अंगूठा लगाकर खाद खारिज करने वाली मशीन) का नेटवर्क फेल हो जाने के कारण बाकी बची 190 बोरी डी०ए०पी० का वितरण नहीं हो पाया।जिससे सुबह से लाइन में लगे सैंकड़ों किसान आक्रोशित हो गए और मौके की स्थिति को देखते हुए समिति के सचिव ने लाइन में खड़े लगभग 200 महिला व पुरुष किसानों का नाम रजिस्टर में अंकित करके किसी तरह से किसानों को शांत कराया।बची हुई 190 बोरी खाद से रजिस्टर में दर्ज किसानों को खाद का वितरण किया जाना संभव नहीं है।रबी की फसल के पीक सीजन में इन परिस्थिति को देखते हुए समितियों पर ज़रूरत के अनुसार और अधिक डी०ए०पी०/एन०पी०के० खाद उपलब्ध कराने की मांग की है,जिससे किसानों की समस्याओं का समाधान हो सके।


 

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