बीबीएयू में गांधी एवं शास्त्री जयंती पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यवाहक कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा की अध्यक्षता में हुआ कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान और पौधारोपण भी
लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कार्यवाहक कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा ने की।
प्रतिमाओं पर माल्यार्पण, आदर्श अपनाने का संकल्प
कार्यक्रम में कार्यवाहक कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा सहित सभी शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने गांधी जी और शास्त्री जी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। सभी ने दोनों महापुरुषों के राष्ट्र निर्माण, सत्य, अहिंसा, सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और स्वच्छता के प्रति योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
परिसर में चला स्वच्छता अभियान, दिलाई गई शपथ
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए परिसर की सफाई की। अभियान के जरिए स्वच्छ और स्वस्थ परिसर बनाने के साथ स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया। स्वच्छता प्रभारी डॉ. रवि शंकर वर्मा ने सभी को स्वच्छता की शपथ दिलाई और निरंतर जागरूक व जिम्मेदार बने रहने का आह्वान किया।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण
पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर के संदेश को आगे बढ़ाते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया गया। उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, हरित वातावरण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता जताई।
सफाई कर्मियों को बांटी गई स्वच्छता सामग्री
कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालय के सफाई कर्मियों को स्वच्छता सामग्री भी वितरित की गई। इस पहल के जरिए स्वच्छता कर्मियों के योगदान को सम्मान देते हुए उनके कार्य के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में आईक्यूएसी निदेशक प्रो. शिल्पी वर्मा, स्वच्छता प्रभारी डॉ. रवि शंकर वर्मा, प्रो. बी.सी. यादव, प्रो. शूरा दारापुरी, डॉ. मनोज कुमार डडवाल और डॉ. अनिल यादव सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य गांधी जी और शास्त्री जी के विचारों को याद करने के साथ विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय समुदाय को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक करना रहा।
