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ब्लैकआउट इन दिल्ली: 54 साल बाद लुटियंस दिल्ली में 15 मिनट का अंधेरा, ऑपरेशन अभ्यास के तहत बिजली कटौती

लुटियंस दिल्ली में 54 साल बाद 15 मिनट का ब्लैकआउट, ऑपरेशन अभ्यास के तहत एनडीएमसी ने बिजली आपूर्ति रोकी। राष्ट्रपति भवन और प्रमुख अस्पतालों को छोड़कर पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Kritika pandey
  • Updated: May 8, 2025

कैनवीज़ टाइम्स , डिजिटल डेस्क । 

लुटियंस दिल्ली में 54 साल बाद अद्वितीय दृश्य देखने को मिला, जब सोमवार रात 8 बजे से 15 मिनट तक पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब गया। यह असामान्य स्थिति ने 1971 के भारत-पाक युद्ध की यादें ताजा कर दीं, जब युद्धकालीन सुरक्षा उपायों के तहत इसी प्रकार की बिजली कटौती की गई थी। इस बार यह कदम "ऑपरेशन अभ्यास" के तहत उठाया गया, जिसका उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों के दौरान बिजली आपूर्ति प्रबंधन की क्षमता का परीक्षण करना था।

एनडीएमसी (नई दिल्ली नगरपालिका परिषद) ने अपने नियंत्रण में आने वाले पूरे लुटियंस दिल्ली क्षेत्र की बिजली आपूर्ति को निर्धारित समय पर बंद कर दिया। एनडीएमसी के लगभग एक हजार सब स्टेशनों को शामिल करते हुए यह ब्लैकआउट सफलतापूर्वक लागू किया गया। हालाँकि, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास और चार प्रमुख अस्पतालों - एम्स, राम मनोहर लोहिया (आरएमएल), सफदरजंग और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में बिजली आपूर्ति जारी रखी गई।

इसके अलावा, नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के आवास, सभी विदेशी दूतावास, उच्चायोग, राज्यों के भवन और एनडीएमसी क्षेत्र में स्थित दस से अधिक फाइव स्टार होटलों, क्लबों और बाजारों में भी बिजली कटौती की गई। कनॉट प्लेस, खान मार्केट जैसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्रों में भी अचानक छाए अंधकार ने लोगों को चौंका दिया।

एनडीएमसी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अभ्यास नागरिक सुरक्षा और संकट प्रबंधन प्रणाली को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया था। इस दौरान सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की आपातकालीन बिजली आपूर्ति पहले से सुनिश्चित कर दी गई थी। ऐसे ऑपरेशन अभ्यास से यह सुनिश्चित होता है कि भविष्य में किसी भी संकट की स्थिति में बिजली आपूर्ति को व्यवस्थित और सुरक्षित रूप से नियंत्रित किया जा सके।

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