बीकेटी,लखनऊ
लखनऊ कमिश्नरेट के महिंगवा थानांतर्गत सोंनवा गांव में 30नवंबर 2024 को सुबह सरकारी ज़मीन के कब्जे को लेकर हुए मारपीट में घायल युवक गंगाराम सागर(50)वर्ष पुत्र बिंद्रा प्रसाद की लगभग पंद्रह दिन बाद ईलाज के दौरान रविवार देर रात मौत हो गई,वहीं गंगाराम सागर की मौत से गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि काफ़ी समय से सरकारी ज़मीन के कब्जे को लेकर कई बार दोनों पक्षों में कहासुनी हो चुकी थी और विवाद को लेकर गंगाराम सागर ने महिंगवा थाना पर शिकायती पत्र भी दिया था लेकिन इस पत्र का ज़रा सी भी तवज्जों संबंधित थाना द्वारा नही दी गई,शायद अगर महिंगवा पुलिस इस मामले में तत्काल कोई कठोर कार्यवाही करती तो शायद गंगाराम सागर को अपने मौत से हाथ न धोना पड़ता हालाकि यह एक बहुत बड़ा जांच का विषय है।प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक गंगाराम सागर का परिवार और मौजूदा ग्राम प्रधान सोंनवा अशोक गिरी का परिवार जमीनी विवाद को लेकर 30/11/24 को सुबह आपस में भिड़ गया था,जिसमें दोनों पक्षों से जमकर मारपीट हुई थी,जिसमें मृतक गंगाराम सागर को मौजूदा ग्राम प्रधान की तरफ़ से पीट-पीट कर अधमरा कर दिया गया था,वहीं मृतक के पुत्र ने उस समय मीडिया को बयांन दिया था कि मौजूदा ग्राम प्रधान अशोक गिरी व उनके बड़े भाई ने मेरे पिता के ऊपर जान से मारने की नियत से सिर पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया है,जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए थे।मृतक के परिजनों ने बताया कि घटना के आज लगभग पंद्रह दिन से अधिक हो चुके है,लेकिन पुलिस द्वारा अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नही किया है,कही न कही इस घटना में पुलिस की सबसे बड़ी लापरवाही रही है,जिस कारण इतनी बड़ी घटना घटित हुई है।मृतक के परिजनों ने आरोपी ग्रामप्रधान व घटना में शामिल अन्य आरोपियों के विरुद्ध मुख्यमंत्री से कठोर कार्यवाही मांग की है।
