कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क।केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने अजमेर शरीफ दरगाह को लेकर चल रहे विवादों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनके अनुसार, अजमेर शरीफ में मंदिर का दावा करने वाले तत्वों को जवाब मिल गया है और यहां अब विवाद की कोई गुंजाइश नहीं है। रिजिजू ने यह बयान तब दिया जब हाल ही में कुछ संगठनों ने अजमेर शरीफ दरगाह के परिसर में मंदिर होने का दावा किया था।
किरण रिजिजू, जो कि कानून और न्याय मंत्रालय के तहत कार्यरत हैं, ने स्पष्ट किया कि अजमेर शरीफ दरगाह, जो सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह है, एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है, और इसे लेकर किसी भी तरह के विवाद का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ऐसे विवादों को सुलझाने के लिए संवेदनशील और समझदारी से काम करेगी और किसी भी तरह की धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं होने दिया जाएगा।
रिजिजू के अनुसार, अजमेर शरीफ की दरगाह के बारे में उठ रहे विवादों को सुलझाने के लिए उन्होंने व्यक्तिगत रूप से इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश की है, और उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थल एक धर्मनिरपेक्षता का प्रतीक है, जहां सभी धर्मों के लोग आते हैं और आस्था व्यक्त करते हैं।
मंदिर का दावा करने वालों को जवाब
कुछ समय पहले, एक संगठन ने दावा किया था कि अजमेर शरीफ दरगाह का परिसर पहले एक मंदिर था, और यह दावा किया था कि वहां मंदिर की नींव मौजूद है। इस दावे पर कई नेताओं और धार्मिक नेताओं ने विरोध व्यक्त किया था और इसे सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश बताया था।
किरण रिजिजू ने इस मुद्दे पर कहा, “हमारी सरकार ऐसी गलतफहमियों को दूर करेगी और सुनिश्चित करेगी कि हमारे ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों के महत्व और संवेदनशीलता को समझा जाए। अजमेर शरीफ को लेकर किसी भी तरह के विवाद का कोई स्थान नहीं है, और यहां सभी धर्मों के लोग एक साथ आते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में उनकी भूमिका एक तटस्थ और संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की है, ताकि सभी समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण और समृद्ध वातावरण बना रहे। रिजिजू ने यह स्पष्ट किया कि इस मुद्दे को लेकर भविष्य में कोई और विवाद नहीं होगा, और हर कोई अपनी आस्था के अनुसार इस स्थल का सम्मान करेगा।
