कैनवीज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा राज्य के 75 जनपदों में पीसीएस-प्रारंभिक परीक्षा (PCS Prelims) आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के लिए उम्मीदवारों के प्रवेश पत्र अब जारी कर दिए गए हैं। उम्मीदवार अपने प्रवेश पत्र UPPSC की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा की तारीख, समय और केंद्र की जानकारी प्रवेश पत्र पर दी गई है।
इस बार कुल 1331 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लाखों उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाएंगे। यह परीक्षा राज्य सरकार के विभिन्न प्रशासनिक पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की जा रही है। पीसीएस परीक्षा में सफलता पाने के लिए उम्मीदवारों को कठोर प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि यह परीक्षा सरकारी नौकरियों के लिए सबसे प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण परीक्षा मानी जाती है।
महत्वपूर्ण जानकारी:
- परीक्षा तिथि: उम्मीदवारों को अपनी परीक्षा तिथि और समय की जानकारी प्रवेश पत्र पर मिल जाएगी।
- परीक्षा केंद्र: उम्मीदवारों को उनके नजदीकी परीक्षा केंद्र का उल्लेख भी प्रवेश पत्र में मिलेगा।
- अन्य दिशा-निर्देश: परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर कुछ जरूरी दस्तावेज जैसे कि वैध पहचान पत्र और अन्य जरूरी सामग्री साथ लानी होगी।
परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा के दिन अपने प्रवेश पत्र के साथ-साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी ले जाना अनिवार्य होगा।
UPPSC ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे परीक्षा से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार के गड़बड़ी से बचें।

आइरिश स्कैनिंग के बाद ही मिलेगा प्रवेश
अभ्यर्थी अपने ओटीआर नंबर के द्वारा प्रवेश पत्र तथा अनुदेश डाउनलोड कर सकेंगे।अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र में अंकित परीक्षा केंद्र पर नियत तिथि एवं समय पर दो फोटो, आइडी प्रूफ की मूल एवं छायाप्रति के साथ उपस्थित होना होगा।अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में परीक्षा शुरू होने से 1 घंटे 30 मिनट पहले प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा शुरू होने के 45 मिनट पूर्व प्रवेश बंद कर दिया जाएगा।
केंद्रों की संख्या घटाने के लिए आयोग ने बनाए बड़े केंद्र
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने एक दिवस में परीक्षा के लिए 1331 केंद्र तय किए हैं। हालांकि द्वारा पूर्व में स्पष्ट किया जा चुका था कि केंद्र निर्धारण मानकों के कड़े मानकों के कारण एक दिन में कराने के लिए समस्त 75 जनपदों में 1758 केंद्रों की आवश्यकता थी पर सख्त मानकों के कारण 978 केंद्रों की सहमति बनी थी। इसके बाद आयोग ने दो दिवस में परीक्षा का निर्णय लिया था पर प्रतियोगी छात्रों के भारी विरोध के कारण आयोग को यह निर्णय वापस लेकर एक दिवस में परीक्षा की पूर्व व्यवस्था पर लौटना पड़ा।मुख्यालय से 10 किलोमीटर की बाध्यता खत्म होने के बाद आयोग ने मुख्य मार्ग पर स्थिति दूर-दराज के संस्थानों को भी केंद्र बनाया। आयोग ने केंद्रीय विश्वविद्यालय, राज्य विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों, राजकीय मेडिकल कालेज व वित्त पोषित डिग्री कालेजों को बनाने का निर्णय लिया था और इसी अनुरुप केंद्र निर्धारण हुआ है।
