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योगी सरकार की दलित उत्थान योजनाएं: सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

यूपी
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Kanwhiz Times
  • Updated: April 14, 2025

कैनविज टाइम्स, डिजिटल डेस्क। योगी सरकार की दलित उत्थान से संबंधित योजनाएं समाज में सामाजिक न्याय के आदर्शों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही हैं। पिछले आठ वर्षों में, योगी सरकार ने अपनी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में दलित सशक्तिकरण की एक नई इबारत लिखी है।

योगी सरकार ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' के मंत्र को पूरी तरह से अपनाया है और इसे लागू करने के लिए प्रदेश के समाज कल्याण विभाग के तहत अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए 100 सर्वोदय विद्यालयों की स्थापना की है। इन विद्यालयों में अनुसूचित जाति के लिए 60 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं।

इन विद्यालयों में अब तक 2.65 लाख बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है। छात्रों को यूनिफॉर्म, किताबें, स्टेशनरी और टैबलेट जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं, जिससे शिक्षा का स्तर सुधरा है और नामांकन दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके अलावा, मीरजापुर के मड़िहान में योगी सरकार ने जेईई और नीट के लिए सेंटर आफ एक्सीलेंस की स्थापना की है।

योगी सरकार ने अनुसूचित जनजाति के बच्चों के लिए भी कई योजनाएं चलाई हैं। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से कक्षा 6 से 12 तक गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान की जा रही है।

अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना:
योगी सरकार ने बीते आठ वर्षों में अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए भी शिक्षा के क्षेत्र में कई पहल की हैं। 33,38,180 अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ प्रदान किया गया है, जबकि दशमोत्तर योजना के तहत 88,61,997 लाभार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई है।

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