डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेमोरियल इंटर कॉलेज में धूमधाम से मनाई गई गांधी जयंती और शास्त्री जयंती
प्राचार्या ने गांधीजी के आदर्शों पर डाला प्रकाश, विद्यार्थियों ने दी रंगारंग प्रस्तुतियां
लखनऊ। डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेमोरियल इंटर कॉलेज, लखनऊ के विवेकानंद सभागार में गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती धूमधाम से मनाई गई। समारोह में प्राचार्या डॉ. वी.के. श्रीवास्तव ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया।
सत्य और अहिंसा थे गांधीजी के जीवन के प्रमुख सिद्धांत
समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्या डॉ. वी.के. श्रीवास्तव ने महात्मा गांधी के जीवन, आदर्शों और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने सत्य और अहिंसा को अपने जीवन के प्रमुख सिद्धांतों के रूप में अपनाया और इन्हीं मूल्यों के आधार पर ब्रिटिश शासन के विरुद्ध कई आंदोलनों का नेतृत्व किया।
चंपारण से भारत छोड़ो आंदोलन तक की दी जानकारी
प्राचार्या ने चंपारण और खेड़ा सत्याग्रह, असहयोग आंदोलन, वर्ष 1930 के दांडी मार्च और वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को गांधीजी के संघर्ष और विचारों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
साबरमती आश्रम से दांडी तक 385 किमी की पदयात्रा
उन्होंने बताया कि नमक कानून के विरोध में गांधीजी ने साबरमती आश्रम से दांडी तक लगभग 240 मील (करीब 385 किलोमीटर) की पदयात्रा की थी। यह यात्रा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बनी।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में महाविद्यालय के संस्थापक डॉ. डी.सी. श्रीवास्तव, प्राचार्या डॉ. वी.के. श्रीवास्तव और उपप्राचार्या शीला श्रीवास्तव मौजूद रहीं। इसके साथ प्रवक्ता टी.के. चौधरी, पूनम श्रीवास्तव, विनीता श्रीवास्तव, आरती निगम, रूबी मिश्रा, साक्षी श्रीवास्तव, नवनीत सिंह, पंकज शुक्ला, सरिता राठौर सहित अन्य शिक्षक और विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
