कैनविज टाइम्स, लखनऊ ।
गोण्डा जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गांवों में स्वयं सहायता समूहों का गठन कर महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की योजना को बड़ा झटका लगा है। रूपईडीह विकास खंड में कार्यरत दो स्वयं सहायता समूहों ने ब्लाक मिशन मैनेजर के साथ मिलकर 49 लाख रुपये का घोटाला किया। यह घोटाला तब सामने आया जब एक शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अंकिता जैन ने मामले की जांच कराई।
सीडीओ के आदेश पर जांच टीम गठित की गई, जिसमें लीड बैंक अफसर, जिला विद्यालय निरीक्षक और सहायक विकास अधिकारी शामिल थे। जांच में यह सामने आया कि प्रगति महिला ग्राम संगठन बल्हीजोत और उजाला केजीएन प्रेरणा ग्राम संगठन लोनावा दरगाह के अधिकारियों ने वित्तीय अनियमितताएं कीं। प्रगति महिला ग्राम संगठन बल्हीजोत की अध्यक्ष प्रतिभा पांडेय, सचिव कुमुद और कोषाध्यक्ष ने मिलकर 18.10 लाख रुपये का भुगतान किया, जो नियमों के खिलाफ था। इसी तरह, ग्राम संगठन लोनावा दरगाह के अध्यक्ष तब्बुसन, सचिव शहर बानो और कोषाध्यक्ष रफीकुन निशा ने 30.25 लाख रुपये की राशि समूह से बाहर के लोगों को वितरित की। इन लोगों में लाल मोहम्मद, वरदान पांडेय, अमरजीत, अकबर रजा, सिंह इंटरप्राइजेज, अम्बर रजा, मो. आज़म, कुलदीप ट्रेडर्स, अमित ट्रेडर्स और महाकालेश्वर नामक फर्म शामिल हैं। इन सभी को अवैध रूप से भुगतान किया गया।
इस मामले में ब्लॉक मिशन मैनेजर कुलदीप तिवारी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। जांच के दौरान यह साफ हुआ कि सभी भुगतान नियमों को नजरअंदाज कर किए गए थे। इस घोटाले के खुलासे के बाद सीडीओ अंकिता जैन ने खंड विकास अधिकारी को एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया।
सीडीओ के निर्देश पर खंड विकास अधिकारी अभय कुमार सिंह ने मिशन ब्लॉक मैनेजर कुलदीप तिवारी, प्रगति महिला ग्राम संगठन बल्हीजोत की अध्यक्ष प्रतिभा पांडेय, सचिव कुमुद और कोषाध्यक्ष, तथा ग्राम संगठन लोनावा दरगाह की अध्यक्ष तब्बुसन, सचिव शहर बानो और कोषाध्यक्ष रफीकुन निशा समेत 17 लोगों के खिलाफ खरगूपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई। खरगूपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत त्रिपाठी ने बताया कि बीडीओ की तहरीर पर सभी 17 लोगों के खिलाफ अभियोग दर्ज कर लिया गया है।
