कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। लखनऊ में दो प्रसिद्ध आयुर्वेदिक क्लीनिक्स, डॉ. एस.के. जैन क्लीनिक प्रा. लि. और डॉ. पी.के. जैन क्लीनिक प्रा. लि. पर ड्रग्स विभाग की जांच में एक बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। इन क्लीनिक्स द्वारा शक्तिवर्धक और यौन दुर्बलता के इलाज के नाम पर बेची जा रही आयुर्वेदिक दवाओं में स्टेरॉयड मिलाए जाने का मामला सामने आया है। यह स्टेरॉयड उन दवाओं में मिलाए गए थे, जिन्हें शुद्ध आयुर्वेदिक और प्राकृतिक उपचार के रूप में प्रचारित किया जा रहा था।
जांच में पता चला कि इन क्लीनिक्स द्वारा मरीजों को दी जा रही दवाओं में न केवल स्टेरॉयड, बल्कि अन्य हानिकारक रसायन भी मिलाए गए थे, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे का कारण बन सकते हैं। ड्रग्स विभाग के अधिकारियों ने इन क्लीनिक्स की दवाओं की लैब जांच की, जिसमें मिलावट की पुष्टि हुई। स्टेरॉयड के सेवन से विभिन्न शारीरिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जैसे कि हार्मोनल असंतुलन, मोटापा, और मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
इस मामले में ड्रग्स विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जैन क्लीनिक्स द्वारा मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया गया है, जो एक गंभीर अपराध है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के मामलों की जांच आगे भी जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के आयुर्वेदिक चिकित्सक समुदाय में इस खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है, क्योंकि इस प्रकार की मिलावट न केवल मरीजों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि यह आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति की छवि को भी नुकसान पहुंचाती है। अब ड्रग्स विभाग ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपी क्लीनिक्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही, विभाग ने जनता को चेतावनी दी है कि वे किसी भी दवा को बिना सही प्रमाणपत्र और जांच के खरीदने से बचें, खासकर जब वह "शक्तिवर्धक" या "यौन दुर्बलता" के इलाज के रूप में बेची जा रही हो।
