कैनविज टाइम्स, डिजिटल डेस्क ।
चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों द्वारा लगाए गए वोटिंग में धांधली और पक्षपात के आरोपों को खारिज कर दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को चुनाव आयोग पर बीजेपी के साथ मिलकर "वोट चोरी" का आरोप लगाया, खासकर बिहार में मतदाता सूची की विशेष जांच (SIR) को लेकर। उन्होंने इसे "देशद्रोह" तक की संज्ञा दी और कहा कि इस मामले में शामिल कोई भी व्यक्ति नहीं बख्शा जाएगा, भले ही वह रिटायर हो चुका हो। राहुल गांधी ने दावा किया कि विपक्ष ने छह महीने की अपनी जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला है, जिसमें चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। उन्होंने इसे "एटम बम" बताया और चेतावनी दी कि जल्द ही यह पूरी सच्चाई सामने लाएंगे। इसके जवाब में चुनाव आयोग ने इन आरोपों को "बेबुनियाद" बताया है और कहा कि वह रोजाना मिलने वाली धमकियों और झूठे आरोपों के बावजूद निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करता रहेगा। आयोग ने सभी चुनाव अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे गैरजिम्मेदाराना बयानों पर ध्यान न दें और अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का पालन करते रहें। आयोग ने अपनी निष्पक्षता और पारदर्शिता की प्रतिबद्धता दोहराते हुए राहुल गांधी के बयानों को सिरे से खारिज कर दिया है
