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संजय निषाद का बयान: संभल वाले संभल जाएं, आजम जैसा होगा हाल, मंत्री बोले- देश संविधान से चलता है, बेईमानी से नहीं

उत्तर प्रदेश
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Kanwhizz Times
  • Updated: December 28, 2024

कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने हाल ही में एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने सम्भल क्षेत्र के नेताओं को चेतावनी दी और कहा कि अगर वे समझदारी से नहीं चले तो उनका हाल आजम खान जैसा हो सकता है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। संजय निषाद ने कहा कि देश संविधान से चलता है, न कि बेईमानी से।

निषाद का यह बयान सम्भल के कुछ नेताओं पर सीधे तौर पर निशाना था। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि जो लोग संविधान और नियमों का पालन नहीं करते, उनका अंत आजम खान जैसा ही होगा, जो रामपुर से सांसद और समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेता हैं। आजम खान को हाल ही में कई मामलों में सजा मिली थी और वे लंबे समय से विवादों में रहे हैं।

मंत्री संजय निषाद की चेतावनी

संजय निषाद ने कहा कि संविधान ही देश की सबसे बड़ी शक्ति है और जो लोग इस संविधान का सम्मान नहीं करते, उन्हें अंततः कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इस दौरान बेईमानी और संविधान के खिलाफ काम करने को खतरनाक बताया और स्पष्ट किया कि किसी को भी अपराध और कानून के उल्लंघन से बचना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर सम्भल के नेता भी संविधान का उल्लंघन करते हैं या बेईमानी करते हैं, तो उनका भी वही हाल हो सकता है जो आजम खान का हुआ है।

संजय निषाद का बयान आजम खान के संदर्भ में आया है, जिनके खिलाफ कई मामलों में सजा सुनाई गई थी और जो समय-समय पर राजनीति और कानून के बीच विवादों में उलझे रहे। आजम खान को रामपुर में 2022 के चुनाव में हार का सामना भी करना पड़ा था और वे जेल भी जा चुके हैं। संजय निषाद ने यह भी कहा कि आजम खान की तरह अगर किसी नेता ने संविधान का उल्लंघन किया, तो वह भी सरकार की नीतियों के खिलाफ जा सकता है और उसे कड़ी सजा मिल सकती है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

संजय निषाद के इस बयान के बाद सम्भल के नेताओं ने पलटवार किया है। हालांकि, अभी तक किसी ने सीधे तौर पर प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन यह बयान उत्तर प्रदेश राजनीति में एक नया मोड़ ले सकता है। वहीं, विपक्षी दलों ने इस बयान को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा बताया है, जबकि सरकार ने इसे संविधान और कानून के प्रति सख्ती के संकेत के रूप में देखा है। संजय निषाद का यह बयान अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन चुका है। उनके शब्दों में साफ तौर पर यह संदेश दिया गया है कि किसी भी नेता को संविधान और कानून से ऊपर नहीं समझा जा सकता। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बयान का राजनीतिक माहौल पर कितना असर पड़ता है और क्या इससे सम्भल सहित अन्य क्षेत्रों में नए विवादों का जन्म होता है।

 

 

 

 

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