कैनविज टाइम्स संवाददाता, संभल। जामा मस्जिद के पास स्थित कब्रिस्तान में गुरुवार को पुलिस ने सर्च ऑपरेशन के दौरान तीन खोखे और एक मिसफायर (चलाने के बावजूद फायर न होना) कारतूस बरामद किए। इन खोखों में दो 7.65 एमएम के और एक 12 बोर का था, जिन पर ‘यूएस मेड’ लिखा हुआ था। इनमें से 12 बोर का कारतूस मिसफायर था, जो कि खतरनाक स्थिति उत्पन्न कर सकता था। यह घटना ऐसे समय पर हुई जब तीन दिसंबर को पहले भी पाकिस्तान निर्मित खोखा और पांच कारतूस (मिसफायर समेत) बरामद किए गए थे, जिससे हिंसा में विदेशी कारतूसों के इस्तेमाल की संभावना जताई जा रही है।
जिला पुलिस अब केंद्रीय जांच एजेंसियों से संपर्क करने की योजना बना रही है, क्योंकि विदेशी कारतूसों के मिलते ही यह सवाल उठ रहा है कि कहीं इस हिंसा के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय साजिश तो नहीं। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने पुष्टि की कि खोखों और कारतूस को बैलेस्टिक एक्सपर्ट के पास भेजा गया है, ताकि यह जाना जा सके कि इनका इस्तेमाल किस प्रकार और कहां किया गया था। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि 7.65 एमएम के कारतूस भारत में प्रतिबंधित हैं, और मामले में विदेशी कनेक्शन की जांच की जा रही है।
इसके अलावा, 19 नवंबर को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत ने जामा मस्जिद में मंदिर होने के दावे को लेकर सर्वे का आदेश दिया था। इसी दिन एडवोकेट कमिश्नर रमेश राघव ने पहली बार वीडियोग्राफी कराई, जिसके बाद 24 नवंबर को दूसरी वीडियोग्राफी के दौरान हिंसा भड़क उठी। पथराव और फायरिंग में चार लोगों की मौत हो गई और 30 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद से पुलिस लगातार जामा मस्जिद के आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चला रही है। मंगलवार को पुलिस ने नाले और झाड़ियों में सर्च ऑपरेशन के दौरान छह कारतूस और खोखे बरामद किए, जिनमें एक पर पाकिस्तान आर्डिनेंस फैक्ट्री (पीओएफ) और दूसरे पर ‘मेड इन यूएसए’ लिखा हुआ था, जिससे यह अंदेशा और भी मजबूत हो गया है कि मामले में विदेशी तत्व शामिल हो सकते हैं।
