कैनवीज टाइम्स,डिजिटल डेस्क।
संभल में हाल ही में हुए सांप्रदायिक हिंसा के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े कदम उठाए गए हैं। तीसरे शुक्रवार (जुमे) को भी जिले में थ्री-लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है, ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो और शांति बनी रहे। पुलिस और प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं और सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा किया गया है।
हिंसा के बाद सुरक्षा व्यवस्था में कड़े कदम
संभल में हाल ही में कुछ जगहों पर सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके बाद से पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। तीसरे जुमे को देखते हुए, जहां पर हर बार हिंसा के आसार रहते हैं, सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। इस दौरान पुलिस के अलावा PAC (प्रादेशिक आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी) और RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) की टीम भी इलाके में मौजूद हैं।
थ्री-लेयर सुरक्षा व्यवस्था
• पहली परत: पुलिस बल के जवानों की तैनाती की गई है जो प्रमुख स्थानों और संवेदनशील इलाकों में गश्त पर हैं।
• दूसरी परत: विशेष तौर पर PAC और RAF की टीमों को तैनात किया गया है जो सुरक्षा में अतिरिक्त भूमिका निभा रही हैं। इन टीमों को किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
• तीसरी परत: ड्रोन के माध्यम से इलाके की निगरानी की जा रही है। इसके अलावा, पुलिस कंट्रोल रूम से भी लगातार क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
धारा 163 का प्रभाव
संभल में 11 अक्टूबर को हुई हिंसा के बाद, प्रशासन ने धारा 163 को लागू किया हुआ है। धारा 163 के तहत, जिले में जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कर्फ्यू जैसी प्रतिबंधात्मक व्यवस्थाएं लागू की जाती हैं। यह धारा सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने, असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने और भीड़ की सामान्य गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए सक्रिय होती है। इस दौरान, पुलिस द्वारा संदिग्धों को हिरासत में लिया जा सकता है और किसी भी असामान्य स्थिति पर सख्ती से प्रतिक्रिया दी जा सकती है।
संभावित शांति प्रयास और प्रशासन का अलर्ट
संभल प्रशासन और स्थानीय पुलिस शांति बनाए रखने के लिए समुदायों से अपील कर रहे हैं कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें और शांति बनाए रखें। पुलिस द्वारा जारी किए गए अलर्ट में यह भी कहा गया है कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल सूचना दी जाए। संभल के नागरिकों को किसी भी प्रकार की शांति भंग करने वाली गतिविधियों से बचने की सलाह दी जा रही है, और जिले में सुरक्षा स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है।अगले कुछ दिनों में और अधिक सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा सकती है, ताकि किसी भी प्रकार की हिंसा या तनाव को पूरी तरह से रोका जा सके।
