कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। लखनऊ। राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना ने एक अनाथ दलित बालिका, रिमझिम के मकान पर भूमाफियाओं द्वारा कब्जा करने की साजिश को विफल कर दिया। यह घटना उस समय घटित हुई जब सआदतगंज थाना प्रभारी चंद्रकांत के आदेश पर मकान पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे भूमाफियाओं को रोक दिया गया। रिमझिम, जो इस समय मेडिकल कॉलेज के टीबी वार्ड में इलाज करा रही हैं, ने अपने घर को बचाने के लिए सोशल मीडिया पर अपील की थी, जिसे ध्यान में रखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की।
रिमझिम की मामी, राजकुमारी रावत ने इस घटनाक्रम की जानकारी पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि रिमझिम के पिता, मुन्नाराम रावत के नाम पर यह मकान लखनऊ विकास प्राधिकरण (लविप्रा) द्वारा निर्बल वर्ग आवास योजना के तहत आबंटित किया गया था, और इसके कागजात लविप्रा कार्यालय में सुरक्षित हैं।
राजकुमारी के अनुसार, रिमझिम के माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है, और अब वह अपने सौतेले नाबालिग भाई के साथ रहती है। भूमाफियाओं का एक गिरोह, जो उन्नाव जिले से संबंधित बताया जा रहा है, इस मकान पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा था।
रिमझिम ने इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज में अपनी जान की सुरक्षा के लिए मोबाइल के जरिए सोशल मीडिया पर अपील की थी, और इसकी जानकारी जब पुलिस तक पहुंची, तो सआदतगंज थाने ने तुरंत कार्रवाई की।
हालांकि, इस मामले में कुछ सिपाहियों की संदिग्ध भूमिका भी सामने आई है, जिनके बारे में जानकारी मिल रही है कि उन्होंने रिश्वत लेकर मामले को दबाने की कोशिश की थी। इस मुद्दे पर पुलिस प्रशासन से और जांच की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। यह घटना एक उदाहरण है कि कैसे भूमाफियाओं के खिलाफ जनता की जागरूकता और पुलिस की तत्परता से बड़े पैमाने पर अनर्थ को टाला जा सकता है। रिमझिम की जिजीविषा और उसकी अपील ने न केवल अपने घर को बचाने के लिए संघर्ष किया, बल्कि यह साबित किया कि प्रशासन और जनता मिलकर किसी भी अवैध कब्जे को नाकाम कर सकती है।
