• इंटीग्रल विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न, युवा शोधकर्ताओं को किया गया सम्मानित
लखनऊ, कैनविज टाइम्स संवाददाता। इंटीग्रल विश्वविद्यालय में सतत निर्माण सामग्री, परिवहन भू-तकनीकी और मजबूत बुनियादी ढांचे के विकास पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शनिवार को समापन हो गया। विश्वविद्यालय के सेंट्रल ऑडिटोरियम में आयोजित समापन समारोह में देशभर से आए शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों ने पर्यावरण अनुकूल निर्माण सामग्री, आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों और टिकाऊ बुनियादी ढांचे के विकास पर विचार साझा किए। विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से 8 से 10 अक्टूबर तक आयोजित इस सम्मेलन में इंडियन जियोटेक्निकल सोसाइटी (IGS), लखनऊ चैप्टर ने सहयोग किया। वहीं, CSIR-CBRI और CSIR-CRRI तकनीकी भागीदार रहे।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बुनियादी ढांचे के निर्माण में नवीन तकनीकों, सतत विकास और उन्नत इंजीनियरिंग पद्धतियों को प्रोत्साहित करना रहा। इंटीग्रल विश्वविद्यालय के कुलपति एवं सम्मेलन अध्यक्ष प्रो. फुरकान कमर ने सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सिविल इंजीनियरों ने प्राचीन काल से ही सभ्यताओं के निर्माण, बुनियादी ढांचे के विकास और सामाजिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बदलते समय में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देना आवश्यक है, ताकि भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी समाधान खोजा जा सके। उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के तकनीकी सलाहकार विजय कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे का विकास समाज की आवश्यकताओं और जनकल्याण को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। सम्मेलन के दौरान परिवहन भू-तकनीकी के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट शोध करने वाले प्रतिष्ठित संस्थानों और संगठनों से जुड़े युवा शोधकर्ताओं को अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इन पुरस्कारों के माध्यम से शोध की गुणवत्ता, मौलिकता और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित किया गया।
