22 महीने बाद इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह का तबादला, मुकेश कुमार शुक्ला बने सेहरामऊ उत्तरी थाने के नए प्रभारी
विदाई समारोह में पुलिसकर्मियों ने फूल-मालाओं से किया सम्मान, विजिलेंस विभाग में मिली नई तैनाती
पीलीभीत। सेहरामऊ उत्तरी थाने में करीब 22 महीने तक प्रभारी निरीक्षक रहे संजय कुमार सिंह का सोमवार को गैरजनपद तबादला हो गया। उन्हें अब विजिलेंस विभाग में तैनाती दी गई है। उनकी जगह तेजतर्रार इंस्पेक्टर मुकेश कुमार शुक्ला को थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिन्होंने कार्यभार भी संभाल लिया है।
फूल-मालाओं के साथ दी गई भावभीनी विदाई
सोमवार को थाना परिसर में पूर्व प्रभारी के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया। थाने के पुलिसकर्मियों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर विदा किया और उनके साथ बिताए कार्यकाल को याद किया।
टीमवर्क से ही चलता है थाना": संजय कुमार सिंह
समारोह में संजय कुमार सिंह ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए सभी पुलिसकर्मियों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी भी थाने की कार्यप्रणाली बेहतर रखने में पूरे स्टाफ की अहम भूमिका होती है और आपसी सहयोग व सामूहिक प्रयासों से ही जिम्मेदारियां निभाई जा सकती हैं। उन्होंने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया।
कार्यकाल की क्षेत्र में रही चर्चा
संजय कुमार सिंह के कार्यकाल की स्थानीय स्तर पर सराहना हुई। थाने में आने वाली शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई, चोरी और गौकशी जैसी घटनाओं के खुलासे तथा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उनके कार्यकाल को याद किया गया।
नए प्रभारी मुकेश शुक्ला के सामने चुनौतियां
इंस्पेक्टर मुकेश कुमार शुक्ला के सामने थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की जिम्मेदारी है। उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहने की अपेक्षा है:
- थाना क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना
- चोरी व अन्य आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण
- शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण
- वांछित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
- ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बढ़ाना
- आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर समाधान कराना
अब नई कार्यशैली पर रहेंगी नजरें
क्षेत्रवासियों की निगाहें अब नए थाना प्रभारी की कार्यशैली पर रहेंगी। चुनौती केवल घटनाओं के खुलासे तक सीमित नहीं है, बल्कि नियमित गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी के जरिए अपराध की रोकथाम करना और जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत करना भी अहम होगा।
अब देखना होगा कि मुकेश कुमार शुक्ला अपनी कार्यशैली से कानून-व्यवस्था को कितना मजबूत करते हैं और लोगों की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरते हैं।
