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स्कूली छात्राओं के लिए ‘अपार’ आईडी बनी मुशीबत, अनेकों समस्याओं का करना पड़ रहा सामना

स्कूली छात्राओं के लिए ‘अपार’ आईडी बनी मुशीबत, अनेकों समस्याओं का करना पड़ रहा सामना
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Santosh Yadav
  • Updated: December 11, 2024

 


संतोष यादव

कैनविज टाइम्स, करछना प्रयागराज। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में अध्ययनरत छात्र एवं छात्राओं की यूनिक आईडी परमानेंट एजुकेशन नंबर (पीईएन) के लिए चलाए जा रहे ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) में शिक्षकों को इन दिनों भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अपार आईडी के बाद एक देश एक स्टूडेंट के तहत जारी होने वाला पीईएन 12 अंकों का होगा। इससे विद्यार्थी का एक यूनिक नंबर जारी होने से फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज, डिग्री और डिप्लोमा पर लगाम कसी जा सकेगी।
गौर तलब है कि एक तरफ जहां शिक्षा विभाग के अधिकारी विद्यार्थियों की अपार आईडी जल्दी बनाने का शिक्षकों पर दबाव डाल रहे है, वहीं दूसरी ओर यू-डाइस में दर्ज विद्यार्थियों की डिटेल और उनके आधार व उनके माता-पिता के आधार कार्ड की डिटेल मैच नहीं होने के कारण अपार आईडी का निर्माण नहीं हो पा रहा है। इसलिए शिक्षकों के सामने समस्या आ रही है।

यू-डाइस प्लस पोर्टल पर ऐसे बनेगी अपार आईडी-

श्रीमती इंदिरा गांधी इंटर कालेज पटेल नगर कौधियारा के प्रधानाचार्य अमित कुमार ने बताया कि अपार आईडी का निर्माण भारत सरकार के यू-डाइस प्लस पोर्टल से किया जा रहा है। इसके लिए जरूरी है कि विद्यालय का शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में यू-डाइस प्लस पोर्टल सक्रिय हो। साथ ही विद्यार्थी की यू-डाइस पोर्टल पर दर्ज डिटेल नाम, पिता का नाम, जन्म दिनांक एवं पता आदि और आधार कार्ड में डिटेल समान हो। इतना ही नहीं माता व पिता के आधार की डिटेल भी छात्र एवं छात्रा के आधार कार्ड की डिटेल से मैच होना भी बेहद जरूरी है।

जल्द हो जाएगा समाधान
यदि किसी विद्यार्थी के डाटा में सामान्य बिंदी अथवा मात्रा की गलती है, तो खण्ड शिक्षा अधिकारी की स्वीकृति से यू-डाइस में संशोधित किया जा सकता है, लेकिन यदि बडा बदलाव है तो आधार में अभिभावकों को संशोधन कराना पड़ेगा। संगणक तकनीकी एक्सपर्ट के मुताबिक अपार में कुछ तकनीकी समस्या भी आ रही है, समाधान के लिए उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है। जल्द समाधान होने की उम्मीद है।

यह आ रही समस्या
शिक्षा विभाग के पास आधार कार्ड को अपडेट करने की कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं कई विद्यार्थियों के पास तो आधार कार्ड ही नहीं है। इसके अलावा आधार कार्ड में अपडेशन के लिए अभिभावक की सहमति भी जरूरी है। इसमें अभिभावक की शैक्षणिक योग्यता भी पूछी जा रही है, लेकिन कई अभिभावक अपनी योग्यता बताना ही नहीं चाहते। पोर्टल पर माता-पिता या अभिभावक का सही मोबाइल नंबर भी उपलब्ध होना चाहिए। समस्या यह भी आ रही है कि कुछ के पास मोबाइल नंबर तक भी नहीं है।

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