कैनविज टाइम्स, डिजिटल डेस्क ।
हरियाणा में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पाकिस्तानी जासूस नोमान इलाही को गिरफ्तार किया है। नोमान पर आरोप है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी कर रहा था और श्रीनगर में सेना की गतिविधियों का वीडियो बनाकर आईएसआई को भेज रहा था। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में नोमान को हिरासत में लिया गया और पूछताछ जारी है। सूत्रों के अनुसार, नोमान ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसे आईएसआई के कमांडर इकबाल काना ने यह जिम्मेदारी दी थी। इकबाल काना ने उसे श्रीनगर में सेना की गतिविधियों का वीडियो बनाकर भेजने का निर्देश दिया था और इसके बदले उसे आर्थिक लाभ का वादा किया गया था। नोमान इलाही ने सुरक्षा एजेंसियों को यह भी बताया कि उसका टारगेट दिल्ली से जम्मू जाने वाली ट्रेनें थीं, जिनमें सेना के जवान यात्रा करते हैं। जांच के दौरान उसके मोबाइल से सेना की ट्रेनों से संबंधित कई वीडियो बरामद हुए हैं, जिससे उसकी संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि हुई है।
पुलिस ने नोमान के मोबाइल से कई संदिग्धों के कॉल रिकॉर्डिंग और चैट्स भी बरामद की हैं। जांच टीम ने नोमान को हरियाणा के कैराना के बेगमपुरा बाजार स्थित उसके घर भी लेकर गई, जहां से कई लोगों के पासपोर्ट बरामद किए गए हैं। जिन लोगों के पासपोर्ट मिले हैं, उनकी भी जांच शुरू कर दी गई। नोमान ने खुलासा किया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई यमुना के खादर क्षेत्र में स्लीपर सेल तैयार कर रही है। हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवा उनके निशाने पर हैं और उन्हें अपने नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश की जा रही है। नोमान ने बताया कि आईएसआई एजेंट इकबाल काना, जो पाकिस्तान में स्थित है, इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा है। इकबाल और उसके सहयोगी कई अन्य युवकों के संपर्क में हैं, जिन्हें गुमराह कर स्लीपर सेल का हिस्सा बनाने की कोशिश की जा रही है।
नोमान से पूछताछ के तीसरे दिन शुक्रवार शाम को केंद्र, सेना, उत्तर प्रदेश और हरियाणा की इंटेलिजेंस ब्यूरो के अलावा केंद्र की दो और एजेंसियां पूछताछ के लिए पहुंची। देर रात तक चली पूछताछ में सुरक्षा एजेंसियां नोमान से उसके आईएसआई नेटवर्क और अन्य संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी रहीं। पुलिस की टीम नोमान के संपर्कों और उसके जासूसी नेटवर्क की जांच कर रही है। जिन लोगों के पासपोर्ट बरामद हुए हैं, उन्हें भी जांच में शामिल किया गया है। इसके अलावा, नोमान के मोबाइल और अन्य डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि उसके आईएसआई के साथ संपर्कों की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
